जानिए कैसा होगा अखिलेश सरकार का आने वाला साल
लखनऊ (ज्योतिषाचार्य अनुज के शुक्ल)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की सरकार ने आज एक साल पूरा कर लिया। एक साल में जो हुआ, वो सबने देखा, अब आने वाला साल कैसा होगा, उस पर ज्योतिषीय अध्ययन के बाद कई बातें सामने आयी हैं। तो आइये जानते हैं कैसा होगा अखिलेश का आने वाला कल?
देश के सबसे बड़े राज्य के सबसे युवा मुख्यमंत्री अखिलेश यादव उत्तर प्रदेश को उत्तम प्रदेश की श्रेणी में लाने के लिए जी-तोड़ मेहनत कर रहें। यूपी की जनता पर मंडराते आर्थिक संकट से उबारने के लिए नयीं-2 योजनाओं पर विचार-विमर्श कर रहें है। बेरोजगारी, महंगाई, भ्रष्टाचार, अपराध व अविकास का अंधेरा अधिक सघन, अधिक जटिल, अधिक दुर्दान्त और भयावह है। दलालों और परजीवियों का समय है, जो अपनी चतुराई और श्रम विरोधी कुटिल बुद्धि के बल पर वैश्विक व्यवस्थाओं के खतरनाक लक्षागृहों के सूत्रधार बने बैठे है।
ऐसी स्थिति में यूपी को उम्मीद है, प्रतिभा के नक्षत्र अखिलेश यादव से जिनमें सघन संवेदना, सर्तक बौद्धिकता, शालीनता व व्यापक सरोकार का सतत् प्रवाह बह रहा है। पीठ पर वादों और विकास की गठरी लिए नेतृत्व की मजबूत सीढि़यों से आगे बढ़ रहें अखिलेष यादव तमाम बाधाओं को पार करते हुये अपनी मंजिल तक पहुंचने में कामयाब होंगे।
जब व्यक्ति महत्वपूर्ण पद पर आसीन होता है, तो वह चॅहुओर चापलूसों से घिरा रहता है। शासक के दो महत्वपूर्ण हथियार होते है, गुप्तचर और निदंक। इन दोनों को विषेष महत्व और प्रोत्साहन देना अपरिहार्य है। क्योंकि इन्ही के माध्यम से राज्य का विकास व जनता की भावनाओं का सही ढ़ग से पता लगाया जा सकता है। कबीर दास ने कहा है- "निंदक आगे राखिओं आंगन कुटी छवि, बिन पानी बिन साबुन निर्मल करे सुहाय"।
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15 मार्च 2012, प्रातः 11:34 बजे ली थी शपथ
नौजवानों के भविष्य अखिलेश यादव जी ने 15 मार्च 2012 को प्रातः 11:34 बजे यूपी की कमान अपने हाथों में ली थी। वह एक ऐतिहासिक समय था। समय कुंडली के अनुसार ज्योतिष की दृष्टि से यह बताने की कोशिश कर रहा हूं। कुंडली कहती है कि मिथुन एक द्विस्वभाव राशि है, जो कथनी व करनी में सामंजस्य स्थापित करती है। जिस कारण अखिलेश अपने किये गये वादों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। मिथुन राशि का स्वामी बुध तेज गति वाला एंव बुद्धि का कारक है।

जल्दबाजी का प्रतीक बुध ग्रह
इसलिए सारे कार्य तेजगति से करने के लिए प्रयासरत रहते हैं। बुध का युवराज दर्शक होने के कारण इसमें जल्दबाजी व उतावलापन का विशेष गुण है। मिथुन राशि वायु तत्व का प्रतिनिधित्व करती है, जिससे कल्पना शक्ति का अधिक विकास होता है। मन का संकेतक चन्द्र दूसरे भाव का मालिक होकर सातवें स्थान में बैठा है, जो इस बात की ओर इशारा कर रहा कि आप विदेश की यात्रायें करके यूपी के विकास मॉडल का आधुनिकीकरण करने पर विशेष जोर देंगे। मंगल सेनापति होने के कारण शक्ति, अधिकार, नियन्त्रण, अनुशासन व प्रबन्धन पर विशेष अधिकार रखता है। मंगल छठे एंव लाभ भाव का स्वामी होकर पराक्रम भाव में स्थित है। अतः आप इन सभी चीजों पर अपनी पारखी नजर बनायें रखें वरना आरजक तत्व विकास रूपी नाव में छेंद करनें में देरी नहीं करेंगे।

अखिलेश पर गुरु का प्रभाव
गुरु आकार में बड़ा ग्रह है, इसलिए बड़प्पन, इन्साफ दिलाना, भक्ति-धर्म व विश्व में लोकप्रियता दिलाने का कारक है। गुरू सप्तम व दशम भाव का मालिक होकर राज्य के संकेतक भाव दशम में राजा सूर्य के साथ संग्रस्त है। जिससे यह प्रतीत होता है कि आप-अपनी नीतियों, व विकास के कारण विश्व के लोकप्रिय नेता के रूप जानें जायेंगे। शुक्र मन मोह लेने वाला, आकर्षण और कलात्मक सोंच का प्रतिनिधित्व करता है। पंचमेश एंव द्वादशेश होकर शुक्र लाभ में बैठकर जनता के संकेतक भाव पंचम को पूर्ण दृष्टि से देख रहा है। शालीन व पारदर्शी व्यक्तित्व के कारण आप जनता के चहेते नेता बने रहेंगे।

अखिलेश और शनि की चाल
शनि अकेले राह पर चलते मुसाफिर की तरह प्रतीत होता है। शनि बर्दास्त करने की हद देखता है। शनि के पास लगन, शान्त, अनुशासन तथा निरीच्छ वृत्ति आदि गुण होते है। शनि सेवक की भूमिका में है, अतः दूसरों की मर्जी सम्भालना। शनि अष्टमेश और भाग्येश होकर जनता का प्रतिनिधित्व करने वाले पंचम भाव में उच्च का होकर स्थित है। यह संयोग एक प्रबल राजयोग का निर्माण कर रहा है। जनता की भावनाओं का अनादर, प्रशासन की लापरवाही, विकास में लूट और कानून व्यवस्था में अनियन्त्रण आदि में वृद्धि होने पर शनि अपने उग्र रूप में आ जाता है। सूर्य राजा, राज्य और उर्जा का प्रबल संकेतक ग्रह है। सूर्य तृतीयेश का मालिक होकर दशम भाव में पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र पर कब्जा जमाये हुये है। जो राज्य के मुखिया के लिए एक शुभ संकेत है।

ग्रहों की वर्तमान चाल
आने वाला कल-वर्तमान में केतु की दशा में मंगल का अन्तर चल रहा है। 14 अप्रैल से राहु का अन्तर प्रारम्भ हो जायेगा। राहु और केतु छाया ग्रह है। यह दोनों आसमान में कल्पित बिन्दु है। पृथ्वी की सूर्य प्रदक्षिणा करने की भ्रमण कक्षा और चन्द्रमा की पृथ्वी-प्रदक्षिणा करने की भ्रमण कक्षा पर जिन दो स्थानों पर छिद्र होते है, उन्हे राहु और केतु कहते है। राहु छठें भाव में तथा अनुराधा नक्षत्र पर अधिकार जमाये हुये है। अनुराधा नक्षत्र का स्वामी शनि है। शनि गोचर में तुला राशि में वक्री होकर भ्रमण कर रहा है, जो शुभ संकेत नहीं है। यानि 14 अप्रैल से 8 जुलाई तक अपने लोगों के कारण सरकार को कुछ चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।

सावधानी हटी, दुर्घटना घटी
यह समय सावधानी हटी, दुर्घटना घटी जैसा बना रहेगा। अनुषासन और न्याय का संकेतक शनि जब-तक अपनी उच्च राषि तुला में भ्रमण करेगा तब-तक सरकार को कानून व्यवस्था व महिलाओं की रक्षा के लिए सरकार को सकारात्मक एंव सतर्क रहने की जरूरत है अन्यथा मुसीबतों के दलदल में फॅसनें की आषंका नजर आ रही है।

जुलाई के बाद विकास की रफ्तार
जुलाई के बाद विकास की गाड़ी तेज रफतार पकड़ेगी जिसके कारण विपक्षी खिसियानी बिल्ली की तरह खम्भा नोचने की कोशिश करेंगे। सरकार अपने किये गये वादों को एक-2 करके पूरा करती रहेगी जिससे उसकी साख में वृद्धि होगी। कुल मिलाकर नौजवानों के प्रतीक अखिलेश यादव के शासन काल में यूपी में विकास की गंगा बहेगी और जिसके सार्थक एंव दूरगामी परिणाम आगामी लोकसभा चुनाव में नजर आयेंगे। इमर्सन ने लिखा है- "वहां नहीं जाएं, जहां राह ले जाए, जहां कोई राह न हो और अपनी छाप छोड़ जाएं।"












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