AI copyright: क्या आपके आर्टिकल, फोटो और म्यूजिक पर अब AI का हक होगा? सरकार के सामने छिड़ा जबरदस्त विवाद!
AI copyright debate IN India: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़े सबसे पेचीदा मुद्दों में से एक -"डाटा का असली मालिक कौन?" -पर दिल्ली में वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के DPIIT (Department for Promotion of Industry and Internal Trade) द्वारा आयोजित दो दिवसीय बैठक में जोरदार बहस देखने को मिली।
19 और 20 जून को हुई इस मीटिंग की अध्यक्षता DPIIT की एडिशनल सेक्रेटरी हिमानी पांडे ने की। इसमें टेक कंपनियों, स्टार्टअप्स, कंटेंट क्रिएटर्स, डिजिटल मीडिया संगठनों और कानूनी विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया। आइए जानें ये पूरा मामला क्या है और इस बहस में क्या कुछ कहा गया।

मामला क्या है?
AI कंपनियां इंटरनेट से भारी मात्रा में डेटा जुटाकर अपने मॉडल ट्रेन करती हैं -इसमें किताबें, लेख, तस्वीरें, गाने, वीडियो आदि शामिल होते हैं, जिनमें से अधिकतर पर कॉपीराइट होता है।
कंटेंट इंडस्ट्री का आरोप है कि यह सब "बिना इजाजत उनका डेटा चुराकर किया जा रहा है।" वहीं, टेक कंपनियों का तर्क है कि AI को बेहतर बनाने के लिए विशाल मात्रा में डेटा की जरूरत है, जो अक्सर ओपन वेब पर मौजूद होता है।
क्रिएटर्स बोले: हमारी मेहनत को 'डेटा माइंस' किया जा रहा है!
डिजिटल समाचार प्रकाशक एसोसिएशन (DNPA) ने बैठक में साफ कहा, ''हमारा कंटेंट बिना अनुमति AI ट्रेनिंग में यूज किया जा रहा है -यह सीधा कॉपीराइट उल्लंघन है।'' उन्होंने सरकार से फेयर मुआवजे और सख्त नियमों की मांग की ताकि डिजिटल स्पेस में कंटेंट क्रिएटर्स के अधिकार सुरक्षित रहें।
स्टार्टअप्स की दलील: बड़ी कंपनियां आगे निकल गईं, हमें बराबरी चाहिए
AI स्टार्टअप्स ने कहा कि जब वो AI मॉडल ट्रेन करना शुरू कर रहे हैं, तब तक बड़ी कंपनियों ने पहले ही "बिना रोक-टोक" अपने सिस्टम तैयार कर लिए हैं। ऐसे में नियम अब लागू करने से स्टार्टअप्स के लिए अनफेयर माहौल बन जाएगा।
बैठक में उठे ये अहम सवाल
क्या भारत में Text & Data Mining (TDM) की अनुमति होनी चाहिए -"opt-out" मॉडल के तहत?
क्या AI ट्रेनिंग के लिए "वैधानिक लाइसेंसिंग" लागू की जा सकती है? यानी सरकार द्वारा तय फीस देकर कॉपीराइटेड कंटेंट का इस्तेमाल।
AI से बना कंटेंट किसका होगा मालिक? -वो यूजर जिसने प्रॉम्प्ट लिखा, या वो कंपनी जिसने मॉडल बनाया?
ANI बनाम OpenAI केस
इस चर्चा की पृष्ठभूमि में ANI बनाम OpenAI का हाई प्रोफाइल मुकदमा भी है, जिसमें ANI ने आरोप लगाया है कि ChatGPT ने उनके आर्टिकल्स को बिना अनुमति यूज किया।
अब आगे क्या होगा?
सरकार ने सभी पक्षों से लिखित सुझाव मांगे हैं और आने वाले समय में इससे जुड़े नीतिगत फैसले और कानूनी ढांचा तैयार किया जा सकता है। AI तेजी से बदलती दुनिया का चेहरा है, लेकिन अगर इसमें रचनाकारों की मेहनत और हक नजरअंदाज होंगे, तो आने वाले समय में डिजिटल संघर्ष और कानूनी जंग और गहरी हो सकती है।












Click it and Unblock the Notifications