क्या है 'उगादि', 'गुड़ी-पड़वा' और 'नवरात्र' का कनेक्शन?
चैत्र नवरात्रि से हिंदू समाज अपना नव वर्ष प्रारंभ करता है तो वहीं दक्षिण भारत में इस दिन को गुड़ी-पड़वा या उगादि के रूप में मनाते हैं।
लखनऊ। 28 मार्च से चैत्र नवरात्र का शुभारंभ होने जा रहा है, इस बार माता का वास पूरे नौ दिन रहेगा। नौ दिनों तक चलने वाली इस पूजा में देवी दुर्गा के नौ स्वरूपों आराधना की जाती है।
खास बातें
- चैत्र नवरात्रि से हिंदू समाज अपना नव वर्ष प्रारंभ करता है तो वहीं दक्षिण भारत में इस दिन को गुड़ी-पड़वा या उगादि के रूप में मनाते हैं।
- आपको बता दें कि 'गुड़ी' का अर्थ 'विजय पताका' होता है तो वहीं 'युग' और 'आदि' शब्दों की संधि से बना है 'युगादि' या 'उगादि'।
- चैत्र मास की शुक्ल प्रतिपदा को गुड़ी पड़वा या वर्ष प्रतिपदा या उगादि (युगादि) कहा जाता है।
- इस दिन हिन्दुओं का नया साल प्रारंभ होता है।
- 'गुड़ी' का अर्थ 'विजय पताका' होता है।
- 'युग' और 'आदि' शब्दों की संधि से बना है 'युगादि' या 'उगादि'।
- आंध्र प्रदेश और कर्नाटक में नया साल 'उगादि' के रूप में मनता है।
- महाराष्ट्र यह त्यौहार 'ग़ुड़ी पड़वा' के रूप में मनाया जाता है। उत्तर भारत के लोग नवरात्रि के रूप में अपना नववर्ष मनाते हैं।
सब जगह मूल अर्थ एक ही....
आंध्र प्रदेश और कर्नाटक में लोग न्यू ईयर 'युगादि' या 'उगादि' के रूप में मनाते हैं तो वहीं महाराष्ट्र वाले अपना नया साल 'गुड़ी-पड़वा' के रूप में सेलिब्रेट करते हैं, मतलब ये कि रूप भले ही अलग-अलग हैं लेकिन सब जगह मूल अर्थ एक ही होता है इसलिए ये दिन काफी पावन और पवित्र होता है।













Click it and Unblock the Notifications