Operation Sindoor में मारे गए आतंकियों को पाक फौज का था सपोर्ट, नेता ने खुद कबूला, अब हुई किरकरी- Video
Operation Sindoor: 7 मई को ऑपरेशन सिंदूर को एक साल पूरा हो जाएगा। इसी बीच पाकिस्तान से एक ऐसी खबर सामने आई जिसने भारत और दुनिया के उन तमाम देशों के दावे सच साबित कर दिए जिसमें पाक द्वारा आतंकियों को पालने की बात कही जाती है। दरअसल एक पाकिस्तानी नेता के बयान ने सेना और आतंकियों के रिश्तों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या है पूरा मामला, डिटेल में समझते हैं।
पाकिस्तान नज़रियाती पार्टी के अध्यक्ष शाहीर सियालवी (Shaheer Sialvi) ने रावलपिंडी (Rawalpindi) में लश्कर-ए-तैयबा (Lashkar e Taiba) के एक कार्यक्रम में बड़ा खुलासा किया। शाहीर ने कहा कि भारत के ऑपरेशन सिंदूर में मारे गए आतंकियों को पाकिस्तानी सेना ने सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी। इसमें वर्दी पहने सैनिकों द्वारा ताबूत उठाना और सैन्य अंतिम संस्कार शामिल था।

भगत सिंह और चे ग्वेरा से की आतंकियों की तुलना
शाहीर ने कहा कि "हाफिज सईद, मसूद अजहर और सैयद सलाउद्दी के मुजाहिदीनों को इन लोगों राज्य अपना बताए। अगर चे ग्वेरा, फिदेल कास्त्रो, नेल्सन मंडेला, सुभाष चंद्र बोस और भगत सिंह को दुनिया फ्रीडम फाइटर कहती है तो इन्हें आतंकवादी क्यों कहा जाता है। अटैक मुरीदके और बहावलपुर में हुआ था लेकिन पाक फौज ने पहली बार तय किया कि इनके जनाजे पाक फौज मौलाना पढ़ाएगा ताकि दुनिया को बता सकें ये आतंकवादी नहीं फ्रीडम फाइटर थे।"
क्या गलती कर गया शाहीर?
शाहीर ये बताना भूल गया कि सुभाष चंद्र बोस और भगत सिंह अपने देश की आजादी के लिए लड़ रहे थे। उन्होंने कभी किसी मासूम की जान नहीं ली। कभी किसी शहर में सिर्फ इसलिए दहशत नहीं फैलाई क्योंकि वहां दूसरे धर्म के लोगों ज्यादा तादाद में रहते हैं।
अब इस बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में सियालवी के साथ मुज़म्मिल हाशमी भी बैठे दिखाई देता है, जो हाफ़िज़ सईद का करीबी है और कई आतंकी वारदातों में भी शामिल रहा है।
पाकिस्तान क्या कहता रहा आतंकियों पर?
पाकिस्तानी सरकार और आर्मी दोनों आतंकियों से दिखाने के लिए ही सही पर दूरी बनाता है। यहां तक कि कई मौकों पर उसने हाफिज सईद को दिखावे के लिए जेल में भी डाला है। लेकिन शाहीर ने पाकिस्तानी सरकार और फौज दोनों की पोल खोल दी। साथ ही सियालवी के इस बयान ने पाकिस्तान के उस दावे को सिरे से खारिज कर दिया है जिसमें वह कहता है कि उसके यहां स्टेट स्पॉन्सर्ड टेररिस्ट काम करते हैं।
हाफ़िज़ सईद और मसूद अज़हर का जिक्र
सियालवी ने यह भी कहा कि पाकिस्तानी सेना ने हाफ़िज़ सईद और मसूद अज़हर के लिए सीजफायर का उल्लंघन किया और भारत के खिलाफ कार्रवाई की। उन्होंने दावा किया कि सेना ने पहली बार इन लोगों के लिए सीधे तौर पर लड़ाई लड़ी।
पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे दावे
इससे पहले भी मसूद इलियास कश्मीरी ने एक वायरल वीडियो में कहा था कि पाकिस्तानी सेना ने ऑपरेशन में मारे गए लोगों के अंतिम संस्कार में अपने जनरल भेजे थे। जो बताता है कि पाकिस्तानी फौज और आतंकी अलग-अलग नहीं है।
ऑपरेशन सिंदूर क्या था?
भारत ने पहलगाम आतंकी हमले के बाद 'ऑपरेशन सिंदूर' शुरू किया था। इसका लक्ष्य पाकिस्तान और PoK में मौजूद आतंकी ढांचे को नष्ट करना था। इस ऑपरेशन के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच कुछ समय के लिए सैन्य तनाव भी बढ़ गया था।
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