'धर्मेंद्र प्रधान हटाइए,सोनम वांगचुक को शिक्षा मंत्री बनाइए', CJP के मंच से केजरीवाल ने मोदी को दी चेतावनी

Arvind Kejriwal on Sonam Wangchuk Protest: दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे सोनम वांगचुक के भूख हड़ताल ने अब सियासी रंग भी पकड़ लिया है। अनशन के 19वें दिन आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल खुद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के सपोर्ट करने जंतर पहुंचे। केजरीवाल ने जहां सोनम वांगचुक से मुलाकात की और उनका हालचाल पूछा।

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इसके बाद उन्होंने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए एक बड़ा राजनीतिक प्रस्ताव भी दिया। केजरीवाल ने कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें और उनकी जगह सोनम वांगचुक को देश का नया शिक्षा मंत्री बनाया जाए।

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सीजेपी (CJP) के मंच से संबोधित करते हुए अरविंद केजरीवाल ने कहा कि सरकार को युवाओं की आवाज, कॉकरोच जनता पार्टी के आंदोलन और सोनम वांगचुक की मांगों को गंभीरता से सुनना चाहिए। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर सरकार ने इस आंदोलन को नजरअंदाज किया तो आने वाले तीन साल में उसे वैसी ही राजनीतिक चुनौती का सामना करना पड़ सकता है, जैसी 2014 में देखने को मिली थी। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील की है वो अपना अहंकार छोड़कर युवाओं के लिए सोचें।

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केजरीवाल बोले- 'सरकार का घमंड भी ज्यादा दिन नहीं टिकेगा'

अरविंद केजरीवाल ने कहा, 'पेपर लीक ने एग्जाम देने वाले हर बच्चे का आत्म विश्वास तोड़ दिया है। सरकार ने पेपर लीक को एक सिस्टम बना दिया है। देश का युवा कब तक इसे बर्दाश्त करेगा? जंतर-मंतर का विरोध उनके सत्ता के घमंड के गिरने का गवाह रहा है। सोनम वांगचुक जी और देश भर के लाखों युवाओं की आवाज सुनो, वरना तुम्हारा घमंड भी ज्यादा दिन नहीं टिकेगा।'

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लद्दाख के इंजीनियर, शिक्षा सुधारक और क्लाइमेट एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक 28 जून से जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल पर बैठे हैं। यह आंदोलन कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की ओर से आयोजित किया जा रहा है।

उनकी मुख्य मांग है कि 2026 NEET-UG परीक्षा में कथित गड़बड़ियों और पेपर लीक मामले की जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें। वांगचुक का कहना है कि यह सिर्फ किसी एक मंत्री का मामला नहीं, बल्कि देश की शिक्षा व्यवस्था में भरोसा बहाल करने का सवाल है। उन्होंने यह भी कहा है कि इस पूरे मुद्दे पर संसद के मॉनसून सत्र में चर्चा होनी चाहिए।

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'हम सिर्फ डॉक्टर की सलाह पर काम करेंगे', मोदी सरकार ने बताया भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक से कब करेंगे बात?

सोनम वांगचुक के मामले को लेकर हाई कोर्ट ने क्या निर्देश दिए?

इसी बीच दिल्ली हाई कोर्ट ने वांगचुक की सेहत को लेकर अहम निर्देश जारी किए हैं। चीफ जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की बेंच ने कहा कि हर नागरिक की जिंदगी कीमती है।

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कोर्ट ने केंद्र सरकार को निर्देश दिया कि सरकारी डॉक्टर रोज उनकी मेडिकल जांच करें। अगर डॉक्टर इलाज या किसी मेडिकल हस्तक्षेप की सलाह दें, तो बिना देरी जरूरी कदम उठाए जाएं। यह आदेश उस जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान आया, जिसमें वांगचुक की बिगड़ती सेहत पर चिंता जताई गई थी।

अब आगे क्या होगा?

सोनम वांगचुक का अनशन लगातार लंबा होता जा रहा है और विपक्ष के कई नेता उनसे मुलाकात कर चुके हैं। केंद्र सरकार ने हाई कोर्ट को भरोसा दिया है कि उनकी सेहत की रोज निगरानी होगी और डॉक्टरों की सलाह के आधार पर हर जरूरी मेडिकल सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।

अब सबकी नजर इस बात पर है कि सरकार आंदोलन की मांगों पर क्या रुख अपनाती है और मॉनसून सत्र में इस मुद्दे पर कोई राजनीतिक पहल होती है या नहीं।

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English Summary

Arvind Kejriwal Says Sonam Wangchuk should be Education Minister Delhi protest CJP Dharmendra Pradhan NEET Paper leak