हजारों हेक्टेयर भूमि पर टिड्डियों का हमला, बर्बादी होते देख किसान ने खेत में खड़ी फसल जोत दी
बनासकांठा. गुजरात में हजारों हेक्टेयर भूमि टिड्डी दल की चपेट में हैं। बीते महीनेभर में टिड्डियां 10 हजार हेक्टेयर से ज्यादा की फसलें चट कर चुकी हैं। बनासकांठा जिले में किसान इनसे बचने के लिए दवा का छिड़काव तो कर ही रहे हैं, साथ ही थालियां और डीजे बजाने जैसे उपाय भी आजमा रहे हैं। कुछ जगहों पर तो खेतों में फसलों के ऊपर पंडाल भी डाले गए हैं। मगर, तमाम कोशिशों के बाद भी किसान टिड्डियों के हमले के आगे बेबस नजर आ रहे हैं। जिले में राज्य के 11 कृषि दल और एक केंद्रीय सरकार की टिड्डी नियंत्रण टीम भी डेरा डाले है। फॉल्कन मशीन के जरिए 8 मिनट में 1 एकड़ एरिया में दवा का छिड़काव किया जा रहा है, फिर भी टिड्डियों पर काबू पाना नामुमकिन सा हो गया है। बहरहाल, फसल बर्बादी होते देख कई इलाकों में किसान अपने खेतों को छोड़-छोड़कर घर लौट रहे हैं।

बर्बादी देख किसान ने खड़ी फसल जोती
धानेरा मंडल में तो एक किसान ने अपनी खड़ी फसल पर ट्रैक्टर चला दिया। टिड्डियां फसल चट किए जा रही थीं, ऐसे में उसनी अपनी फसल बर्बादी तय समझी। उसने खेत जोता और अगली बुवाई की तैयारी करने लगा। वहीं, राज्य में ज्यादातर किसान अब भी अपनी फसलों को टिड्डियों से बचाने में लगे हैं। टिड्डियों से नुकसान के मद्देनजर कुछ स्थानों पर किसानों ने सरकार से सहायता की मांग की है। किसानों की परेशानी जहां बढ़ गई है, वहीं बटाई पर खेती करने वाले बटाईदारों की हालत बदतर हो गई है।

गुजरात के इन जिलों में टिड्डियां खा रहीं फसलें
राज्य में टिड्डियां का सर्वाधिक प्रकोप पाकिस्तान से सटे सीमावर्ती जिलों में है। उत्तर में राजस्थान के भी कई जिलों की भूमि टिड्डियां बर्बाद कर चुकी हैं। गुजरात में बनासकांठा, पालनपुर जिले के किसानों में हाहाकार मचा हुआ है। थराद तहसील के आंतरोल, रडका, अजावाड़ा और नारोली गांव के अलावा दांता, सुईगाम, दांतीवाड़ा और वडगाम तहसील में ज्यादातर फसलें टिड्डियां नष्ट कर चुकी हैं। यहां इन खबरों को पढ़कर टिड्डियों के हमले की गंभीरता समझ सकते हैं..













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