'MSP की गारंटी दो', संयुक्त किसान मोर्चे ने शुरू किया केंद्र के खिलाफ पंजाब के 6 जिलों में प्रदर्शन
बरनाला। किसान आंदोलन के दौरान केंद्र सरकार की ओर से किए गए वादे पूरे नहीं हो पाए हैं। ऐसे में संयुक्त किसान मोर्चे की अगुवाई में कई किसान संगठनों ने फिर-विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिए हैं। पंजाब के 6 जिलों में किसान-प्रदर्शनकारी सड़कों पर निकले हैं। उनकी ओर से सभी फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की गारंटी देने की मांग के साथ जिला स्तरीय प्रदर्शन किए जा रहे हैं।

भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के पदाधिकारियों एवं किसानों ने बरनाला में डीसी दफ्तर के समक्ष धरना दिया। जिसमें उन्होंने एमएसपी की गारंटी देने तथा केंद्र सरकार से किसान आंदोलन में किए वादे पूरे करने की मांग की। भाकियू लिखित में मांग की कि, हमें अब पजाब में सभी फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की गारंटी चाहिए। सूबा प्रधान जोगिन्द्र सिंह उगराहां ने केंद्र सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया।

उगराहां ने कहा कि, पंजाब के 6 जिलों में संयुक्त किसान मोर्चे के आह्वान पर केंद्र सरकार के विरुद्ध एमएसपी गारंटी कानून की मांग को लेकर व्यापक प्रदर्शन किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि, सरकार एमएसपी की गारंटी समेत अन्य मांगों से मुकर गई है। धरने को संबोधित करते हुए राज्य प्रधान जोगिंदर सिंह उगराहां ने आगे कहा कि, हम फिर आवाज बुलंद कर रहे हैं और अपनी मांगें मनवाएंगे। इस दौरान पंजाब सरकार के साथ विभिन्न फसलों की एमएसपी, बिजली संकट एवं मुख्यमंत्री के साथ हुई बैठक संबंधी बातें भी की गईं।
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सुप्रीम कोर्ट द्वारा लखीमपुर खीरी घटना के दोषी आशीष मिश्रा की जमानत अर्जी रद्द करने पर किसान नेता उगराहां ने कहा कि, अदालत में हमारी सुनी गई है। अब संयुक्त किसान मोर्चे की अगुवाई में इस मसले पर मीटिंग कर अगले संघर्ष की रणनीति बनाई जाएगी। उन्होंने कहा कि, सरकार के साथ कल उनकी मांगों को लेकर बैठक हुई थी। जहां मुख्यमंत्री भगवंत मान की तरफ से मक्की, मूंगी और बासमती की फसलों की एमएसपी देने पर बात हुई। यदि पंजाब सरकार बासमती की फसल पर ही एमएसपी तय करके खरीद की गारंटी दे तो पंजाब में पानी और फसली चक्कर का संकट दूर हो सकता है।












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