विदेशों में बढ़ी इंदौर के शुगर फ्री आलू की डिमांड, जानिए क्या है खासियत
इंदौर, 20 अप्रैल: प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में आलू उत्पादन के नए रिकॉर्ड बनते चले जा रहे हैं. इंदौर के आलू में शुगर ना के बराबर होने के कारण इन्हें शुगर फ्री आलू के नाम से भी जाना जाता है. इंदौर के शुगर फ्री आलू की लोकप्रियता देश ही नहीं बल्कि अब विदेशों में भी बढ़ती चली जा रही है, जहां अब विदेशों में भी इंदौरी शुगर फ्री आलू की डिमांड रफ्तार पकड़ रही है. जिले में आलू के उत्पादन पर नजर डालें तो हर साल 45 हजार हेक्टेयर में लगभग 20 लाख मैट्रिक टन आलू का उत्पादन होता है. जिले में सात अलग-अलग तरह के आलू का उत्पादन किया जाता है, साथ ही किसान आलू के उत्पादन में अलग-अलग तकनीकों का इस्तेमाल करते हैं.

ये है शुगर फ्री आलू की खासियत
इंदौर के शुगर फ्री आलू की खासियत पर यदि नजर डालें तो शुगर फ्री आलू की चिप्स तलने के बाद लाल नहीं होती. साथ ही शुगर फ्री आलू कई गुणों से भरपूर है. स्वास्थ्यवर्धक होने के साथ ही इसमें कई तरह के विटामिन, आयरन और कैल्शियम जैसे तत्व मौजूद हैं. शुगर फ्री आलू का औषधिय प्रयोग भी किया जाता है, साथ ही इन आलुओं से अलग-अलग तरह के खाद्य पदार्थों निर्मित किए जाते हैं.
किसानों की आय के लिए लाभदायक शुगर फ्री आलू
शुगर फ्री आलू की डिमांड देश के साथ साथ विदेशों में भी बढ़ने से किसानों में उत्साह है, जहां जिले के आसपास किसानों ने अब शुगर फ्री आलू की खेती शुरू कर दी है. आय वर्धक होने के कारण किसान बड़ी संख्या में आलू उत्पादन की ओर आकर्षित हो रहे हैं. आलू उत्पादन के लिए किसानों को ऋण भी मुहैया कराया जा रहा है. इंदौरी आलू की विशेषता को देखते हुए कई प्रतिष्ठित कंपनियों ने अपने उद्योग इंदौर में स्थापित किए हैं.
इंदौर के इन क्षेत्रों में होती है शुगर फ्री आलू की खेती
इंदौर जिले समेत आसपास के क्षेत्रों में शुगर फ्री आलू की खेती की जा रही है, जिनमें मुख्य रुप से महू क्षेत्र के कई गांव शामिल हैं, तो वहीं देपालपुर और सांवेर जैसे क्षेत्रों में भी शुगर फ्री आलू कि खेती की जा रही है.












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