IAS Neha Byadwal कौन हैं? बेहद सुंदर, जानें कैसे 22 की उम्र में UPSC किया क्रैक? अब एक लड़की ने उठाए सवाल
IAS Neha Byadwal Profile: भारत की सबसे कम उम्र की IAS अधिकारियों में शुमार नेहा ब्याडवाल आज लाखों UPSC अभ्यर्थियों के लिए प्रेरणा का नाम हैं। मात्र 22 साल की उम्र में 2021 में UPSC सिविल सेवा परीक्षा में 569वीं रैंक हासिल कर उन्होंने इतिहास रच दिया। उनकी सफलता का राज? तीन साल तक स्मार्टफोन और सोशल मीडिया से पूरी तरह दूरी।
लेकिन उनकी इस अनुशासित लाइफ स्टाइल पर अब सवाल उठ रहे हैं। एक सोशल मीडिया यूजर ने उनकी पढ़ाई की रणनीति को 'UPSC-prep cult' करार देते हुए भारतीय नौकरशाही पर तंज कसा है। आइए जानते हैं विस्तार से सबकुछ...

Who is IAS Neha Byadwal: कौन हैं नेहा ब्याडवाल?
नेहा ब्याडवाल का जन्म 23 जुलाई 1999 को जयपुर, राजस्थान में हुआ था। उनके पिता श्रवण कुमार, एक वरिष्ठ आयकर अधिकारी हैं, जिनके तबादले के चलते नेहा का बचपन छत्तीसगढ़ में बीता। बार-बार स्कूल बदलने के बावजूद, उन्होंने जयपुर, भोपाल के किड्जी हाई स्कूल, और छत्तीसगढ़ के डीपीएस कोरबा व डीपीएस बिलासपुर में पढ़ाई की। रायपुर के डीबी गर्ल्स कॉलेज से इतिहास, अर्थशास्त्र और भूगोल में डिग्री लेने वाली नेहा यूनिवर्सिटी टॉपर रहीं। उनके पिता की देश सेवा से प्रेरित होकर उन्होंने IAS बनने का सपना देखा।
IAS Neha Byadwal Success story: तीन बार असफलता, फिर मिली कामयाबी
नेहा का UPSC का सफर आसान नहीं था। पहले तीन प्रयासों में असफलता मिली, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। पहली असफलता के बाद उन्होंने पाया कि स्मार्टफोन और सोशल मीडिया उनकी पढ़ाई में सबसे बड़ी रुकावट हैं। इसके बाद उन्होंने कड़ा फैसला लिया और तीन साल तक मोबाइल फोन और सोशल मीडिया से दूरी बना ली। इस दौरान वह दोस्तों और पारिवारिक आयोजनों से भी दूर रहीं। उनकी मेहनत रंग लाई और चौथे प्रयास में 2021 में उन्होंने UPSC CSE में AIR 569 हासिल किया, जिसमें 960 अंक (मुख्य परीक्षा में 809 और साक्षात्कार में 151) शामिल थे।
कर्मचारी चयन आयोग (SSC) की परीक्षा कई बार पास करने के बावजूद, नेहा ने सरकारी नौकरी जॉइन नहीं की, क्योंकि उनका लक्ष्य सिर्फ IAS बनना था। वर्तमान (2025) में वह उत्तर प्रदेश के जालौन जिले में संयुक्त मजिस्ट्रेट के रूप में कार्यरत हैं और अपने 80,000 से ज्यादा इंस्टाग्राम फॉलोअर्स के साथ UPSC अभ्यर्थियों को प्रेरित करती हैं।

विवाद: 'UPSC-prep cult' पर सवाल
गुजरात कैडी की नेहा की कहानी ने जहां लाखों लोगों को प्रेरित किया, वहीं सोशल मीडिया पर उनकी 'नो10-मिनट' जैसी रणनीति पर कुछ यूजर्स ने सवाल उठाए। एक यूजर, शलाका ने X पर लिखा, 'इस UPSC-प्रेप पंथ को खत्म करने की जरूरत है। 24X7 रटने वाले स्टडी रूम के बाहर भारत कैसे चलता है, इसका कोई अंदाजा नहीं रखने वाले लोग जनता पर शासन करते हैं।' यूजर ने आगे कहा, 'नौकरशाही हर चीज के लिए OTP मांगती है। आज की दुनिया में 3 साल तक मोबाइल की जरूरत न होना एक विशेषाधिकार है।' शलाका का कहना था कि बिना जमीनी अनुभव के नौकरशाह देश की वास्तविक समस्याओं को नहीं समझ सकते।
सोशल मीडिया पर गरमाई बहस
इस पोस्ट पर लोगों की प्रतिक्रियाएं बंटी हुई थीं। कुछ ने शलाका का समर्थन करते हुए कहा, 'बिना अनुभव के रिक्शा चालक भी इन किताबी कीड़ों से बेहतर सुझाव दे सकता है।' वहीं, कुछ ने नेहा का बचाव किया और कहा, 'कठिन परीक्षा पास करने के लिए फोकस जरूरी है। यह कोई बौद्धिक कमी नहीं दर्शाता।' एक यूजर ने तर्क दिया कि करंट अफेयर्स के लिए नेहा ने अखबारों का सहारा लिया होगा, लेकिन शलाका ने जवाब दिया, 'भारतीय शासन OTP पर चलता है। आरोग्य सेतु ऐप के बिना एंट्री न मिलने की बात भूल गए?'
IAS Neha Byadwal Family: परिवार में कौन-कौन है?
- पिता: श्रवण कुमार - सीनियर IT अधिकारी ।
- मां: रजनी देवी - गृहिणी ।
- बड़ी बहन: निशा ब्याडवाल - Indian Engineering Services (IES) में अधिकारी।
नेहा ब्याडवाल की कहानी एक ओर प्रेरणादायक है, जो दर्शाती है कि अनुशासन और मेहनत से असंभव भी संभव हो सकता है। वहीं, शलाका जैसे यूजर्स का सवाल यह भी सोचने पर मजबूर करता है कि क्या नौकरशाहों की तैयारी में व्यावहारिक अनुभव की कमी उन्हें जमीनी हकीकत से दूर रखती है?
आप क्या सोचते हैं कमेंट में जरूर बताएं?
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