Prakash Shah: 75 करोड़ की सैलरी छोड़कर संन्यासी बनने वाले प्रकाश शाह कौन हैं? मुकेश अंबानी से है खास कनेक्शन
Prakash Shah: सलाना ₹75 करोड़ का पैकेज, आलीशान घर, रईसी से भरा जीवन, आगे-पीछे नौकरों की फौज, लग्जरी गाड़ियां, एक फोन पर हर ख्वाहिश पूरी... कुछ ऐसा ही जीवन था थोड़े वक्त पहले प्रकाश शाह का, जिन्होंने अपने दम पर ये सब हासिल भी किया था लेकिन आज उन्होंने ये सबकुछ त्याग दिया है।
आपको बता दें कि यहां पर हम बात हो रही है रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी के करीबी सहयोगी और पूर्व शीर्ष कार्यकारी प्रकाश शाह की, जो कुछ वक्त पहले करोड़पति कहलाते थे लेकिन मौजूदा दौर में वो संन्यासी बन गए हैं।

उन्होंने अपने सारे भौतिक सुख त्याग कर दीक्षा ले ली है, अब प्रकाश शाह महंगे सूट में नहीं बल्कि सादे से सफेद कपड़े में नजर आते हैं, अब उनके पैरों में नामीगिरामी ब्रांड के जूते नहीं दिखते हैं बल्कि वो अब नंगें पांव में दिखाई पड़ते हैं।
प्रकाश शाह ने त्यागा भौतिक जीवन
आपको बता दें कि शाह ने महावीर जयंती पर दीक्षा लेकर संन्यासी जीवन अपना लिया है, केवल वो ही नहीं बल्कि उनकी पत्नी नैन शाह ने भी उनके साथ दीक्षा ली है।
मुकेश अंबानी के करीबी कहलाते थे प्रकाश शाह (Prakash Shah)
आपको बता दें कि शाह से पूछे बिना देश के ही नहीं बल्कि एशिया के सबसे धनी व्यक्तियों में से एक मुकेश अंबानी कोई फैसला नहीं लेते थे। दोनों लंबे वक्त से साथ में काम कर रहे थे। शाह को वैरागी के रूप में देखकर लोग हैरान हैं, उनकी कई तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं, जिसे देखने के बाद हर कोई केवल एक ही प्रश्न कर रहा है कि 'आखिर प्रकाश शाह ने संन्यास क्यों लिया?'
Prakash Shah का जैन धर्म में अटूट विश्वास है
हालांकि शाह ने तो इस बारे में कोई उत्तर नहीं दिया है लेकिन उनके करीबियों का कहना है कि 'प्रकाश शाह शुरू से ही धार्मिक प्रवृत्ति के थे। उनका जैन धर्म में अटूट विश्वास है, जो कि वक्त के साथ-साथ और बढ़ता चला गया और इसी विश्वास ने उन्हें सांसरिक मोह को त्यागने में प्रेरित किया है और इसी के चलते शाह ने ₹75 करोड़ की नौकरी को छोड़कर संन्यासी जीवन अपना लिया।'
कॉर्पोरेट जगत के कई अहम पदों पर अपनी सेवा दी
आपको बता दें कि प्रकाश शाह रिलायंस के काफी योग्य और मजबूत व्यक्तियों में गिने जाते रहे हैं, वो केमिकल इंजीनियर थे, स्नातक करने के बाद आईआईटी बॉम्बे से मास्टर्स किया था। इसके बाद इन्होंने कॉर्पोरेट जगत के कई अहम पदों पर अपनी सेवा दी, जिसमें पेटकोक मार्केटिंग और पेटकोक गैसिफिकेशन जैसे अहम परियोजनाएं भी शामिल रही हैं। फिलहाल एक करोड़पति का संन्यासी बन जाना लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।
क्या होती है दीक्षा? (Prakash Shah)
दीक्षा,एक धार्मिक संस्कार है जिसमें एक गुरु अपने शिष्य को आध्यात्मिक मार्ग में दीक्षित करता है, इसके अंतरगत एक विशेष मंत्र या विद्या प्रदान की जाती है, जिसका पालन शिष्य को करना पड़ता है। ये आध्यात्मिक यात्रा की शुरुआत मानी जाती है, जिसमें शिष्य पुराने जीवन को त्यागकर नए आध्यात्मिक जीवन में प्रवेश करता है, जहां माया-मोह का कोई स्थान नहीं है।
क्या है जैन धर्म के 5 प्रमुख सिद्धांत?
जैन धर्म के पांच प्रमुख सिद्धांत हैं: अहिंसा, सत्य, अस्तेय, अपरिग्रह और ब्रह्मचर्य।
- अहिंसा: किसी भी जीव को किसी भी रूप में कष्ट ना पहुंचाएं।
- सत्य: हमेशा सच बोलें।
- अस्तेय: चोरी न करें।
- अपरिग्रह: संपत्ति या भौतिक वस्तुओं का संग्रह न करें।
- ब्रह्मचर्य: इंद्रियों पर नियंत्रण रखें और संयमित रहें।












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