Love Story: इस दिग्गज नेता के प्रेम ने किया राजवंश को 400 साल पुराने श्राप से मुक्त, कौन हैं इनकी महारानी?
Love Story: राजनेताओं की प्रेमकहानी की इस कड़ी में आज बात उस राजा की जिसकी प्रेमकहानी ने ना केवल उसे आबाद किया बल्कि उसके राजवंश को 400 साल के श्राप से भी मुक्त कर दिया, आप सोच रहे होंगे कि हम किसी फिल्म की कहानी की या नॉवेल की बातें कर रहे हैं लेकिन नहीं, ना तो यहां किसी कहानी का जिक्र हो रहा है और ना ही यहां पर किसी फिल्म की स्टोरी हम सुना रहे हैं, दरअसल यहां बात हो रही है बीजेपी सांसद और पूर्व शाही मैसूरु परिवार के वारिस यदुवीर कृष्णदत्त चामराजा वाडियार की ,जिनकी प्रेम कहानी काफी हैरतअंगेज है।
आज भारत में भले ही राजशाही खत्म हो चुकी है लेकिन मैसूर का ये शाही राजवंश अपने क्षेत्र में प्रभुत्व रखता है, लोग उन्हें आज भी राजाओं की तरह ही मान-सम्मान देते हैं इसलिए तो हर साल होने वाले विश्वप्रसिद्ध मैसूर दशहरे में चामराजा वाडियार ठीक वैसे ही पहुंचते हैं, जैसे आदिकाल में राजा-महाराजा अपने समारोह में पहुंचते हैं।

बेहद ही सौम्य, तीक्ष्ण बुद्धि और बीजेपी एमपी यदुवीर कृष्णदत्त चामराजा वेदशास्त्री कहे जाते हैं और उन्हें संगीत, घुड़सवारी और पोलो का शौक है। आपको बता दें कि मैसूरु के 26वें शासक श्रीकांतदत्ता नरसिम्हराजा वाडियार, जिनका निधन साल 2013 में हुआ, की अपनी कोई संतान नहीं थी। उनके निधन के बाद उनकी पत्नी प्रोमोदा देवी ने अपनी ननद गायत्री देवी की बेटी लीला त्रिपुरासुंदरी के बेटे कृष्णदत्त चामराजा को गोद लिया और राजा बनाया। खास बात ये है कि 400 सालों से इस राजवंश का हर राजा गोद लिया हुआ ही है।

महारानी के कोख से नहीं जन्मेगा उत्तराधिकारी (Love Story)
अब इसके पीछे स्थानीय लोग कहते हैं कि साल 1612 में विजयनगर की तत्कालीन महारानी अलमेलम्मा ने इस राजवंश को श्राप दिया था कि यहां कभी उत्तराधिकारी महारानी की कोख से पैदा नहीं होगा और तब से लेकर यदुवीर कृष्णदत्त चामराजा वाडियार तक ये बात सही साबित हुई है। लेकिन इस बारे में कभी राजमहल की ओर से कोई बयान जारी नहीं किया गया।

महाराजा युदवीर ने साल 2017 में की थी शादी (Royal Love Story)
लेकिन यदुवीर की मोहब्बत ने इस श्राप पर विजय पा ली।आपको बता दें कि युदवीर ने राजस्थान के डूंगरपुर राजघराने की राजकुमारी त्रिशिका से साल 2016 में शादी की थी, कहते हैं दोनों शादी से पहले एक-दूसरे को जानते थे और दिल मिलने के बाद ही उन्होंने शादी का फैसला लिया था। देखने में बेहद हसीन राजकुमारी त्रिशिका, जो कि अब महारानी हैं, भी बहुत पढ़ी लिखी हैं और घुड़सवारी का शौक रखती हैं।

साल 2017 में महारानी ने दिया राजकुमार को जन्म, राजवंश हुआ श्रापमुक्त (King Love Story)
साल 2017 में त्रिशिका ने आद्यवीर नरसिम्हराजा वाडियार राजकुमार को जन्म दिया यानी की 400 साल बाद राजवंश को उत्तराधिकारी महारानी के कोख से मिला। महारानी त्रिशिका बहुत सारे सोशल वर्क से जुड़ी हुई हैं और इसी कारण सोशल मीडिया पर भी काफी चर्चित रहती हैं।

महाराज हर्षवर्द्धन सिंह भी बीजेपी नेता
अपने पति को राजनीति में लाने का क्रेडिट उन्हीं को जाता है क्योंकि उनके पिता और महाराज हर्षवर्द्धन सिंह भी भाजपा नेता हैं और राज्यसभा सांसद रह चुके हैं। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक महारानी के ही कहने पर युदवीर ने राजनीति में कदम रखा। आपको बता दें कि मार्च 2024 में उन्होंने मैसूर और कोडगु लोकसभा क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर चुनाव जीता था, उन्होंने 8 लाख (800,000) से ज्यादा वोटों से जीत हासिल की थी।












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