'हम क्या छोड़कर जाएंगे,' आकाश अंबानी की वाइफ श्लोका ने जिंदगी और फैमिली पर खोले दिल के राज
रिलायंस फैमिली की बड़ी बहू और सोशल वर्क में एक्टिव श्लोका अंबानी (Shloka Ambani) ने हाल ही में एक इंटरव्यू में अपनी जिंदगी के कुछ बेहद निजी अनुभव शेयर किए। उन्होंने बताया कि वह अपने बेटे पृथ्वी अंबानी (Prithvi Ambani), भतीजे और भतीजी के लिए क्या सोचती हैं और किस तरह की विरासत (Legacy) उन्हें पीछे छोड़कर जाना चाहती हैं।
श्लोका ने कहा कि आज की पीढ़ी के लिए केवल पैसा या प्रॉपर्टी ही विरासत नहीं है, बल्कि सोच, मूल्य और समाज को कुछ लौटाने का जज्बा भी एक तरह की विरासत है।
उन्होंने कहा, 'मैं सोचती हूं कि जब मैं नहीं रहूंगी, तो मेरे बच्चे और मेरे परिवार के बच्चे (भतीजा-भतीजी) क्या सोचेंगे कि मैंने उनके लिए क्या छोड़ा? यही सोचकर मैं अपने काम को, अपने फैसलों को और भी गंभीरता से लेती हूं।'

पति आकाश अंबानी का मजबूत सपोर्ट
श्लोका ने यह भी बताया कि उनके काम और जीवन में पति आकाश अंबानी (Akash Ambani) का सपोर्ट सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने कहा कि, 'मैं जो भी करती हूं, उसमें आकाश का भरोसा और बैकिंग मेरे लिए बेहद मायने रखती है। वो हमेशा कहते हैं- जो तुम्हें सही लगे, वही करो। यही आजादी मुझे इंस्पायर्ड करती है।'
सोशल इम्पैक्ट और पैरेंटिंग को लेकर सोच
श्लोका ने यह भी कहा कि आजकल के पैरेंट्स को अपने बच्चों को सिर्फ अच्छे स्कूल नहीं, बल्कि एक बेहतर सोच देना जरूरी है। उन्होंने कहा कि, 'मुझे लगता है कि बच्चे तभी बेहतर इंसान बनते हैं जब वे देख पाते हैं कि उनके पेरेंट्स क्या जीते हैं, क्या मानते हैं। सिर्फ सिखाने से नहीं, जीकर दिखाने से फर्क पड़ता है।'
मासूम मीनावाला के यूट्यूब चैनल पर 18 जुलाई को शेयर किए गए वीडियो में श्लोका मेहता ने वर्किंग मॉम के बारे में बात करते हुए कहा कि, वे अपने बच्चों से कहती हैं, 'जैसे तुम स्कूल जाते हो, वैसे ही मम्मा को भी ऑफिस जाना होता है।' उन्होंने कहा कि, 'हर करियर की अपनी अहमियत होती है, आप जिस चीज पर काम कर रहे हैं, उस पर यकीन है, तो उसे धीरे-धीरे बनाना भी ठीक है।'
'मैंने कभी भी वसीयत को विरासत नहीं माना'
उन्होंने कहा कि, 'मैंने कभी भी वसीयत को विरासत नहीं माना। मेरे लिए विरासत वह है जो आप लोगों में छोड़ते हैं। चाहे वो आपका बच्चा हो, कोई वॉलंटियर या कोई सहकर्मी, अगर आपने किसी की सोच को बेहतर बनाने में योगदान दिया है, तो वही सबसे बड़ी विरासत होती है'
श्लोका ने अपनी बचपन की दोस्त मनीति शाह के साथ 2014 में 'ConnectFor' की शुरुआत की। ये एक वॉलंटियरिंग प्लेटफ़ॉर्म है, जो लोगों और कॉर्पोरेट्स को देशभर की NGOs से जोड़ता है। अब तक इस प्लेटफ़ॉर्म के ज़रिए लाखों घंटे की वॉलंटियरिंग हो चुकी है।
उन्होंने कहा कि आपको अपने आस-पास की दुनिया के प्रति जागरूक रहने की जरूरत है। आपको यह सोचने की जरूरत है, 'मैं इसके लिए क्या कर सकता हूँ?' मुझे लगता है कि मेरे लिए, इसने मेरे संकल्प को दोगुना कर दिया है क्योंकि आप किसी ऐसे व्यक्ति के लिए कुछ बना रहे हैं जिसमें आप पूरी तरह से निवेशित हैं, जो इससे प्रभावित होगा। मुझे लगता है कि यही सबसे अच्छी विरासत है जो आप अपने बच्चों के लिए छोड़ सकते हैं।
उन्होंने आगे कहा कि, 'मैं किसी चीज के लिए जुनूनी थी और मैंने वही किया जो मैं करना चाहती थी, और मैं चाहती थी कि वे भी वही करें। यही सपना मेरा अपने बच्चों, अपने भतीजों और भतीजियों के लिए है। उन्हें यह जानना जरूरी है कि सभी करियर ठीक हैं। नौकरी करना, बहुत पैसा कमाना, या कुछ ऐसा बनाना ठीक है जिसमें बहुत समय लगता है, लेकिन आपको यह विश्वास होना चाहिए कि आप कुछ वैल्यूएबल बना रहे हैं।'
यहां देखें पूरा इंटरव्यू....












Click it and Unblock the Notifications