Ajab Gajab: मनचाही लड़की से शादी करो, रात बिताओ और छोड़ दो – यहां $850 में सब कुछ 'लीगल'! कौन सी है जगह?
Ajab Gajab Wedding Business: शादी हो या निकाह...सभी की अपनी-अपनी धार्मिक संस्कृति में पवित्र बंधन माना जाता है, जो प्यार, विश्वास और जीवन भर साथ निभाने का वादा होता है। लेकिन क्या आपने सुना है कि एक ऐसी जगह भी है, जहां शादी सिर्फ कुछ घंटों या दिनों की होती है और फिर तलाक के साथ सब खत्म? हैरानी की बात ये है कि ये सब कुछ 'कानूनी' तरीके से होता है। आइए जानते हैं इस अनोखी और चौंकाने वाली प्रथा के बारे में...
इंडोनेशिया के पुनक (Puncak) नामक पहाड़ी इलाके में एक अजीबोगरीब प्रथा चल रही है, जिसे 'प्लेजर मैरिज' (Pleasure Marriage) या 'निकाह मुताह' कहा जाता है। यहां विदेशी टूरिस्ट कुछ दिनों के लिए स्थानीय लड़कियों से शादी करते हैं, उनके साथ वक्त बिताते हैं और फिर तलाक देकर अपने देश लौट जाते हैं। बदले में लड़कियों को मोटी रकम दी जाती है। एक मामले में, एक टूरिस्ट ने 17 साल की लड़की से शादी के लिए करीब 850 डॉलर (72,751.245 भारतीय मुद्रा) का भुगतान किया।

कैसे होता है ये सब?
इस प्रथा में न तो जटिल दस्तावेज चाहिए, न ही कोई आधिकारिक रजिस्ट्रेशन। 'निकाह मुताह' नाम की इस प्राचीन इस्लामिक परंपरा का इस्तेमाल अब टूरिज्म और पैसे कमाने के लिए किया जा रहा है। हालांकि, इंडोनेशियाई कानून इसे मान्यता नहीं देता, लेकिन इस पर कोई सख्त कार्रवाई भी नहीं होती। पुनक के आसपास के गांव अब 'तलाकशुदा गांव' के नाम से कुख्यात हो चुके हैं, क्योंकि यहां की कई लड़कियां ऐसी शादियां बार-बार कर चुकी हैं।
मजबूरी या लालच?
कई लड़कियां गरीबी और मजबूरी के कारण इस धंधे में धकेल दी जाती हैं। कुछ मामलों में परिवार पैसे के लालच में अपनी बेटियों को इस रास्ते पर भेजते हैं। एक लड़की, ने खुलासा किया कि उसने अब तक 15 से ज्यादा ऐसी शादियां की हैं। एक बार एक सऊदी टूरिस्ट ने उसे कुछ दिन साथ रखने के लिए 2000 डॉलर और हर महीने 500 डॉलर देने का वादा किया था।
सामाजिक और नैतिक सवाल
यह प्रथा न केवल महिलाओं की सुरक्षा के लिए खतरा है, बल्कि समाज में शोषण और असमानता को भी बढ़ावा दे रही है। 'प्लेजर मैरिज' इंडोनेशिया की आर्थिक तंगी और सामाजिक ढांचे की कमजोरियों को उजागर करता है। भले ही इसे 'कानूनी' दिखाने की कोशिश हो, लेकिन यह प्रथा कई परिवारों और महिलाओं के लिए मानसिक और सामाजिक पीड़ा का कारण बन रही है।
'अरब विलेज' का क्या इतिहास?
पुनक के कोटा बुंगा जैसे इलाकों को 'अरब विलेज' भी कहा जाता है, क्योंकि यहां अरबी भाषा बोलने वाले टूरिस्ट्स की संख्या ज्यादा है। 1980 के दशक से शुरू हुई इस प्रथा ने अब एक संगठित धंधे का रूप ले लिया है। दलालों का नेटवर्क टूरिस्ट्स को उनकी पसंद की लड़कियों से मिलवाता है और शादी की व्यवस्था करता है।
क्या है खतरे और चुनौतियां ?
'प्लेजर मैरिज' भले ही कुछ लड़कियों के लिए तात्कालिक आर्थिक राहत लाए, लेकिन यह उनके भविष्य और सम्मान को खतरे में डालता है। यह प्रथा न केवल नैतिक रूप से गलत है, बल्कि यह मानव तस्करी और शोषण का एक रूप भी बन चुकी है। इंडोनेशिया में इसे पूरी तरह प्रतिबंधित करने की मांग उठ रही है, लेकिन सख्त कानूनों की कमी के कारण यह धंधा फल-फूल रहा है।
शादी जैसे पवित्र बंधन को मजाक बनाने वाली इस प्रथा ने पूरी दुनिया का ध्यान खींचा है। यह न सिर्फ एक सामाजिक समस्या है, बल्कि यह उन गहरी आर्थिक और सांस्कृतिक चुनौतियों की ओर भी इशारा करता है, जिनका सामना इंडोनेशिया जैसे देश कर रहे हैं। क्या इस प्रथा पर रोक लगेगी या यह और बढ़ेगी, यह समय ही बताएगा।
(स्रोत: मीडिया रिपोर्ट्स)
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