Year Ender 2022: ओडिशा में BJD नंबर वन, राष्ट्रीय राजनीति में बीजेपी का दबदबा
राजनीतिक गतिविधियों के नजरिए से ये साल देश के साथ-साथ ओडिशा के लिए भी काफी अहम रहा। उत्तर प्रदेश और गुजरात सहित सात राज्यों में विधानसभा चुनाव हुए।

भुवनेश्वर,29 दिसंबरः राजनीतिक गतिविधियों के नजरिए से ये साल देश के साथ-साथ ओडिशा के लिए भी काफी अहम रहा। उत्तर प्रदेश और गुजरात सहित सात राज्यों में विधानसभा चुनाव हुए। महाराष्ट्र को एक नया मुख्यमंत्री मिला जबकि बिहार में एक नए राजनीतिक गठबंधन की सरकार बनी। कांग्रेस पार्टी ने अपना भारत जोड़ो यात्रा पैदल मार्च शुरू किया और एक नया अध्यक्ष चुना। ओडिशा के लोगों ने भी पंचायती राज संस्थाओं और शहरी स्थानीय निकायों के लिए अपने प्रतिनिधियों का चुनाव करने के लिए अपने मताधिकार का प्रयोग किया। राज्य में तीन विधानसभा सीटों के लिए उपचुनाव भी हुआ था।
नवीन पटनायक के नेतृत्व वाले बीजू जनता दल (बीजद) ने इस साल त्रिस्तरीय पंचायत और शहरी स्थानीय निकाय (यूएलबी) चुनावों में शानदार जीत दर्ज करके ओडिशा में अपना आधार और मजबूत कर लिया। 26 दिसंबर को अपनी रजत जयंती मनाने वाली क्षेत्रीय पार्टी ने उपचुनावों में दो विधानसभा सीटों को भी बरकरार रखा। भाजपा एक विधानसभा सीट बरकरार रखने में सफल रही, जबकि ओडिशा की राजनीति में कांग्रेस पार्टी का पतन जारी रहा।
पंचायत चुनाव में बीजद की भारी जीत
ओडिशा में सत्तारूढ़ बीजू जनता दल (BJD) ने इस साल के त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों में भारी जीत दर्ज की। पार्टी ने कुल 852 में से 766 जिला परिषद सीटें जीतीं और उसके उम्मीदवारों ने सभी 30 जिलों में अध्यक्ष पद पर कब्जा कर लिया। बीजद समर्थित उम्मीदवारों ने भी ग्रामीण चुनावों में अधिकांश पंचायत समिति सदस्य, सरपंच और वार्ड सदस्य पदों पर जीत हासिल की है।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने 42 जिला परिषद सीटें जीतीं और कांग्रेस को 37 सीटें मिलीं। बीजद ने 2017 के ग्रामीण चुनावों में 476 जिला परिषद सीटें जीती थीं। भगवा पार्टी 297 सीटों के साथ दूसरे स्थान पर रही थी जबकि कांग्रेस केवल 60 सीटों पर ही जीत हासिल कर पाई थी।
3 नगर निगमों और 76 यूएलबी में बीजेडी जीती
बीजद ने राज्य में तीन नगर निगमों और 108 शहरी स्थानीय निकाय (यूएलबी) परिषदों में से 76 जीतकर ओडिशा में नगरपालिका चुनावों में भारी जीत दर्ज की। भाजपा ने 16 यूएलबी, कांग्रेस ने सात और निर्दलीयों ने नौ नगर निकायों पर जीत हासिल की।
बीजद उम्मीदवार सुलोचना दास, सुभाष सिंह और संघमित्रा दलेई ने क्रमशः भुवनेश्वर, कटक और बेरहामपुर में मेयर पद जीते। सोलोचना अपनी निकटतम प्रतिद्वंद्वी भाजपा की सुनीति मुंड को 60,000 मतों के अंतर से हराकर भुवनेश्वर की पहली महिला मेयर बनीं। सिंह ने कटक में कांग्रेस उम्मीदवार गिरिबाला बेहरा को 45,000 से अधिक मतों के अंतर से हराया। इसी तरह, संघमित्रा ने बेरहामपुर में अपनी निकटतम भाजपा प्रतिद्वंद्वी सबिता सुअर को 20,286 मतों के अंतर से हराया।
निर्विरोध चुने गए बीजेडी से 4 राज्यसभा सांसद
बीजू जनता दल (बीजद) के चार नेता इस साल राज्यसभा के लिए निर्विरोध चुने गए। बीजद नेता सुलता देव, मानस रंजन मंगराज और निरंजन बिशी पहली बार राज्यसभा के लिए चुने गए, जबकि सस्मित पात्रा को संसद के उच्च सदन के लिए फिर से चुना गया।
बीजेडी ने उपचुनावों में ब्रजराजनगर और पदमपुर सीटें जीती
बीजद ने इस साल हुए उपचुनाव में झारसुगुड़ा जिले की ब्रजराजनगर विधानसभा सीट और बरगढ़ जिले की पदमपुर सीट को बरकरार रखा। मुख्य विपक्षी भारतीय जनता पार्टी ने भद्रक जिले की धामनगर सीट को कड़े मुकाबले में उपचुनाव में बरकरार रखा।












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