CM Hemant Soren बोले- राज्य को बेहतर दिशा देने में लोक सेवकों की भूमिका अहम
झारखंड के लोगों की भाषा, संस्कृति तथा रहन-सहन के साथ कम्युनिकेशन बनाए अधिकारीमुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि आप सभी लोक सेवक झारखंड की भौगोलिक बनावट से भलीभांति परिचित हैं।

रांची। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि राज्य को बेहतर दिशा देने में लोक सेवकों की भूमिका अहम है। राज्य में पहली बार सिविल सर्विसेज डे कार्यक्रम का आयोजन हो रहा है। आप सभी के कंधों पर तमाम चुनौतियों के साथ-साथ कई महत्वपूर्ण कार्यों की जिम्मेदारियां भी दी जाती हैं।
मुख्यमंत्री सोरेन शुक्रवार को झारखंड मंत्रालय स्थित सभागार में सिविल सर्विसेज डे-2023 के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री ने सभी लोक सेवकों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आप सभी लोग कार्यपालिका के ऐसे हिस्सेदार हैं जिसके बगैर राज्य की व्यवस्था चलाना संभव नहीं है। राज्य के लोगों की मदद एवं उनके सर्वांगीण विकास के लिए जो व्यवस्थाएं बनाई गई हैं, उनका संरक्षण तथा राज्य की बेहतरी के लिए कार्ययोजनाएं बनाने की जिम्मेदारी आप सभी पर है।
उन्होंने कहा कि अन्य राज्यों तथा देशों में भी कार्यपालिका की व्यवस्थाएं हमारे राज्य एवं देश की कार्यपालिका से मिलती-जुलती हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि व्यवस्थाओं के अंदर लोक सेवकों की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जाती है। लोक सेवकों का कार्य करने का दायरा बहुत बड़ा है। झारखंड में दो हजार लोक सेवकों का स्ट्रेंथ है। राज्य की सवा तीन करोड़ जनता की सेवा के लिए दो हजार लोक सेवकों का आंकड़ा कहीं से भी कम दिखाई नहीं पड़ता है। जरूरत है कि हम और आप सभी लोग अपने कार्यों को ईमानदारी, संवेदनशीलता और गंभीरता के साथ पूरा करें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड अलग हुए 20 साल से अधिक हो चुके हैं, लेकिन आज भी झारखंड जहां था, वहीं खड़ा है। हमारे पास वैसा कोई कारण नहीं है, जिससे हम पिछड़े राज्यों के गिने जाएं परंतु यह सत्य है कि आज के समय में झारखंड देश के पिछड़े राज्यों में से एक राज्य है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में सरकारें आती-जाती रहती हैं। राजनेता आते-जाते रहते हैं। परंतु आप सभी लोक सेवक लंबे समय तक राज्य की सेवा में कार्यरत रहते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की योजनाएं तभी सफलतापूर्वक धरातल पर उतारी जा सकती हैं जब अधिकारी झारखंड की जनता के रहन-सहन तथा भाषा, संस्कृति के साथ समन्वय बनाएंगे। हमारे राज्य का पिछड़ापन होने का एक मुख्य कारण है यह भी है कि यहां के लोगों के साथ अधिकारियों का कम्युनिकेशन बिल्कुल नहीं बन पा रहा है।
इस दौरान कई विषयों पर विभिन्न अधिकारियों ने अपनी प्रस्तुती दी। मौके पर मुख्यमंत्री ने झारखंड आईएएस ऑफिसर एसोसिएशन की त्रैमासिक पत्रिका 'पलाश' का विमोचन भी किया। मुख्यमंत्री को एसोसिएशन ने स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। इस अवसर पर राज्य के मुख्य सचिव सुखदेव सिंह, डीजीपी अजय कुमार सिंह, प्रधान मुख्य वन संरक्षक संजय श्रीवास्तव, प्रधान सचिव मुख्यमंत्री वंदना डाडेल, कई विभिन्न विभागों के प्रधान सचिव- सचिव, वन सेवा के पदाधिकारी तथा पुलिस सेवा के पदाधिकारी सहित अन्य लोक सेवक उपस्थित थे।












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