भारत के फार्मा उत्पादन में 40 फीसदी है तेलंगाना का योगदान: केटीआर
केटीआर ने कहा कि तेलंगाना दुनिया का एकमात्र ऐसा राज्य है, जहां फार्मास्युटिकल निर्माण के लिए 200 से अधिक एफडीए अप्रूव्ड साइटें हैं।

तेलंगाना के उद्योग मंत्री केटी रामाराव ने कहा कि हमारे राज्य ने भारत के फार्मा उत्पादन में 40 प्रतिशत का योगदान दिया है, आज तेलंगाना 1,000 से अधिक जीवन विज्ञान कंपनियों का घर है और तेजी से आगे बढ़ रहा है। केटीआर ने आगे कहा कि तेलंगाना दुनिया का एकमात्र ऐसा राज्य है, जहां फार्मास्युटिकल निर्माण के लिए 200 से अधिक एफडीए अप्रूव्ड साइटें हैं, जो इनोवेटर और जेनेरिक दवाओं दोनों का उत्पादन करती हैं।
बायोएशिया 2023 कार्यक्रम के उद्घाटन समारोह में बोलते हुए केटीआर ने कहा कि हैदराबाद फार्मा सिटी के लॉन्च के साथ राज्य की क्षमता और मजबूत होगी, जो दुनिया का सबसे बड़ा और टिकाऊ एकीकृत फार्मा पार्क होगा। फार्मा सिटी में 8 बिलियन डॉलर के निवेश को आकर्षित करने की क्षमता है और कई फर्मों ने पहले ही वहां अपने सेंटर स्थापित करने का इरादा व्यक्त कर दिया है।
हैदराबाद, डॉ रेड्डीज लैबोरेटरीज, बायोलॉजिकल ई, भारत बायोटेक, शांता बायोटेक, अरबिंदो, हेटेरो, ग्लैंड फार्मा और विरचो बायोटेक जैसे प्रमुख खिलाड़ियों के साथ देश में जैविक उत्पादन का नेतृत्व कर रहा है। साथ ही तेलंगाना, बायोफार्मा द हब (बी-हब) भी स्थापित कर रहा है, जो भारत में अपनी तरह का पहला ग्रोथ-फेज सेंटर और बायोफार्मा स्केल-अप मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी है। इसके अलावा सेल और जीन थेरेपी के क्षेत्र में भी निवेश किया जा रहा है और हैदराबाद में एक क्यूरेटिव मेडिसिन संस्थान की स्थापना की जाएगी।












Click it and Unblock the Notifications