SC में आया रोचक मामला, कोर्ट के सामने हिंदी में बात रखने लगा वादी, पीठ ने दिया वकील
सुप्रीम कोर्ट में गुरुवार को बेहद ही रोचक मामला सामने आया है। यहां पार्टी-इन-पर्सन की सुनवाई के दौरान सुनवाई कर रही पीठ के सामने एक याचिकाकर्ता हाथ जोड़कर अपनी बात रखने लगा जिस पर पीठ के न्यायाधीशों को कुछ समझ ही न आया। याचिकाकर्ता के पास वकील नहीं था और वह अपनी बात हिंदी में रख रहा था।

हाल के वर्षों में कई वादी विभिन्न उच्च न्यायालयों के साथ ही सर्वोच्च न्यायाल में व्यक्तिगत रूप से पेश होने लगे हैं। इसमें से कुछ ऐसे भी होते हैं जिन्हें यह नहीं पता होता है कि वे मुफ्त कानूनी सहायता के हकदार हैं।
ऐसा ही एक व्यक्तिगत याचिकाकर्ता आज शुक्रवार को कोर्ट में सुनवाई के लिए पेश हुआ। हाथ में कागजों का पुलिंदा लिए हुए हाथ जोड़े याचिकाकर्ता ने कोर्ट में हिंदी में अपना पक्ष रखना शुरू किया तो पीठ की सुनवाई कर रहे जस्टिस केएम जोसेफ और हृषिकेश राय हैरान नजर आने लगे क्योंकि दोनों जज को हिंदी समझ नहीं आ रही थी।
इसके बाद पीठ ने कहा कि "आप जो भी कह रहे हैं हमें कुछ समझ नहीं आ रहा है। इस कोर्ट की भाषा हिंदी है।"
कोर्ट के कहने के बाद भी शख्स ने अपनी बात हिंदी में कहना जारी रखा। इस दौरान वहां मौजूद एक वकील जो अपने केस की बारी का इंतजार कर रहे थे उन्होंने ध्यान दिया कि याचिकाकर्ता को बात समझ में नहीं आ रही है। वकील ने खुद आगे बढ़कर वादी के पास पहुंचे और बेंच ने जो कुछ कहा वह उन्हें हिंदी में समझाया।
इस दौरान कोर्ट में अतिरिक्त महाधिवक्ता माधवी दीवान भी मौजूद थीं वह भी पार्टी के पास पहुंची। वादी से कुछ देर बात के बाद उन्होंने कोर्ट को बताया कि वह अपने लिए एक वकील चाहता है।
यह सुनने के बाद पीठ ने वादी को कोर्ट की बात समझाने वाले वकील की तरफ रुख करके पूछा कि क्या आप ये मामला देखना चाहेंगे जिसे वकील ने तुरंत स्वीकार कर लिया।
कोर्ट ने कहा उम्मीद है इसे आप निस्वार्थ भाव से कर रहे हैं जिस पर वकील ने हां में जवाब दिया।
वकील के स्वीकार करने के बाद कोर्ट ने उसे मामले को समझने के लिए वक्त देते हुए अगली सुनवाई के लिए 4 दिसम्बर की तारीख दी।












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