पराली से निपटने के लिए हरियाणा सरकार की तैयार, अब पराली न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदने की योजना
पराली से निपटने के लिए हरियाणा सरकार की तैयार, अब पराली न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदने की योजना
चंडीगढ़। हरियाणा में पराली के निस्तारण के लिए प्रदेश सरकार बड़ा कदम उठाने जा रही है। किसानों को फसल अवशेष जलाने से रोकने के लिए अब पराली को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीदने की तैयारी है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने इसके लिए अधिकारियों को योजना बनाने के निर्देश दिए हैं।

हरियाणा में वर्तमान में 14 फसलें धान, गेहूं, जौ, सरसों, मक्का, बाजरा, मूंग, मूंगफली, अरहर, उड़द, तिल, चना, सूरजमुखी और कपास एमएसपी पर खरीदी जा रही हैं। पराली की एमएसपी निर्धारित होने से किसानों को सीधा लाभ होगा और उनकी अतिरिक्त आय का साधन भी बढ़ेगा। पराली निस्तारण की कड़ी में प्रदेश सरकार द्वारा इन-सीटू मैनेजमेंट के तहत किसानों को पहले ही प्रति एकड़ बेलिंग के लिए 1000 रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। साथ ही गाेशालाओं को बेलर्स के परिवहन के लिए 500 रुपये प्रति एकड़ (अधिकतम 15 हजार रुपये) दिए जा रहे हैं। इसके अलावा अवशेष प्रबंधन की आपूर्ति के लिए पानीपत में स्थापित 2जी इथेनाल संयंत्र को एक हजार रुपये प्रति टन सहायता दी जा ही है।
केंद्रीय मंत्री वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से हरियाणा, पंजाब, दिल्ली, राजस्थान के मुख्यमंत्री व मंत्रियों की बैठक ले रहे थे। फसल अवशेष प्रबंधन की दिशा में की जा रही गतिविधियों की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार पराली जलाने की घटनाओं में कमी लाने में सफल रही है। वायु प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए प्रदेश में अच्छे प्रयास हो रहे हैं। गुरुग्राम की सोसायटियों में डीजल से चलने वाले जनरेटर सेट्स के उपयोग में भारी कमी आई है।












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