पीपीपी डाटा को अपडेट करने के लिए गांव स्तर पर लगेंगे विशेष कैंप

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि परिवार पहचान पत्र में दर्ज परिवारों के विवरणों को अपडेट करने के लिए जिला, खंड व गांव स्तर पर विशेष कैंप लगाए जाएंगे। इसके अलावा, अतिरिक्त उपायुक्त कार्यालयों व ई-दिशा केंद्रों में भी विशेष काउंटर की व्यवस्था की जाएगी, जहां पर नागरिक सरलता से पीपीपी डाटा को अपडेट करवा सकेंगे। मुख्यमंत्री सोमवार को यहां पीपीपी के संबंध में अतिरिक्त जिला उपायुक्तों के साथ अहम बैठक कर रहे थे। मनोहर लाल ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि पीपीपी में डाटा के अपडेशन के कार्य में तेजी लाई जाए और इस कार्य को 25 जनवरी तक अवश्य पूरा किया जाए, ताकि नागरिकों को किसी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े। पीपीपी में जन्म तिथि, आय, शैक्षणिक योग्यता, व्यवसाय सहित 21 विभिन्न कॉलम अपडेट किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है। इस प्रकार का नया प्रयोग हमने पहली बार किया है, जिससे अब लोगों को सभी सरकारी योजनाओं व सेवाओं का लाभ घर बैठे आसानी से मिल रहा है। नागरिक भी पीपीपी को लेकर उत्साहित हैं। यह सकारात्मक पहलू है कि आज नागरिक सरकार की नई पहलों का हिस्सा बन रहे हैं और जागरूक हो रहे हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि अधिकारी जिला स्तर पर प्रेस वार्ता के माध्यम से लोगों को पीपीपी से संबंधित सभी जानकारियों से अवगत करवाएं।
इस माह का राशन पुरानी पद्धति अनुसार मिलेगा : मनोहर लाल ने कहा कि यदि किसी परिवार का राशन कार्ड पीपीपी मे डाटा अपडेशन के दौरान कट गया है, तो ऐसे नागरिक 18001802087 और 1967 टोल फ्री नंबरों पर अपनी शिकायत दर्ज करवा सकते हैं, उनकी शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को भी निर्देश दिए कि इन टोल फ्री नंबरों का अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार करें। सरकार का मुख्य ध्येय लोगों के जीवन को सुखी बनाना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि जिन परिवारों की शिकायतों का समाधान होता जा रहा है, उसका संदेश उनके पंजीकृत मोबाइल नंबर पर अवश्य भेजा जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पीपीपी डाटा के अपडेशन के ठीक होने तक पुरानी पद्धति अनुसार राशन दिया जाएगा। इसके लिए उन्होंने अधिकारियों को प्रदेश में लगभग 7 हजार पीडीएस की दुकानों पर 2 क्विंटल अनाज का अतिरिक्त प्रबंध करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि पीपीपी के माध्यम से ऑटोमेटिक राशन कार्ड बनाने की प्रक्रिया चल रही है। 1.80 लाख वार्षिक आय के मानदंड अनुसार 12 लाख नये परिवार बीपीएल सूची में शामिल हुए हैं।
सामाजिक सुरक्षा के लिए एक नया मैकेनिज्म किया गया तैयार : मनोहर लाल ने कहा कि पीपीपी में एकत्रित डाटा को आयु वर्ग के अनुसार विभिन्न वर्गों में बांटा है और प्रत्येक वर्ग का जिम्मा एक विभाग को सौंपा गया है। प्रत्येक विभाग आयु वर्ग के अनुसार उसकी शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार इत्यादि सभी योजनाओं और सेवाओं का लाभ पहुंचाने के साथ-साथ इनका संपूर्ण रिकॉर्ड भी रखेगा। 6 साल तक की आयु के बच्चों का जिम्मा महिला एवं बाल विकास विभाग को सौंपा गया है।
9.60 लाख बीपीएल कार्ड की 31 तक खामियां होंगी दुरुस्त
परिवार पहचान पत्र के जरिये गरीब परिवारों के अंत्योदय उत्थान की ओर बढ़ाया गया सरकार का कदम कारगर साबित हो रहा है। पीपीपी के जरिये 12 लाख नए बीपीएल कार्ड बने हैं, जबकि 9.60 लाख के पास खामियां को दुरुस्त करवाने का 31 जनवरी तक समय है। इसके साथ ही 2.50 लाख परिवारों का दोबारा से सर्वे होगा, इसमें औद्योगिक श्रमिक व किसान शामिल हैं, जिनकी बिक्री चार लाख तक है। यह बात मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने सोमवार को हरियाणा निवास में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कही। मुख्यमंत्री ने बताया कि परिवार पहचान पत्र के जरिये 12 लाख नए बीपीएल कार्ड बने हैं, जिससे यह आंकड़ा बढ़कर 28 लाख हो गया है, जबकि 1.20 लाख आय के आंकड़े के हिसाब से यह डाटा पहले 15 लाख था। तकरीबन 40 फीसद आबादी के अंत्योदय उत्थान का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। बीपीएल राशन कार्ड बनाने को लेकर तय किए मानदंडों के मुताबिक ही नए राशन कार्ड बनाए गए हैं। जिसमें कुछ खामियां भी हैं, जिन्हें आगामी 31 जनवरी तक दुरुस्त किया जाएगा। यदि इस अवधि के भीतर खामियां दुरुस्त नहीं होती हैं, तो उन्हें जनवरी माह का राशन मिलेगा।












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