संक्रांति 2023: सिंथेटिक मांझे पर रोक के लिए तेलंगाना सरकार ने शुरू की हेल्पलाइन
संक्रांति के त्योहारी सीजन के दौरान सिंथेटिक मांझा की बिक्री पर रोक के लिए, तेलंगाना वन विभाग ऐसी दुकानों के आसपास बिना वर्दी वाले कर्मचारियों और गैर सरकारी संगठनों के साथ छह मोबाइल पार्टियों को तैनात करेगा।

हैदराबादः संक्रांति के त्योहारी सीजन के दौरान सिंथेटिक मांझा की बिक्री पर रोक के लिए, तेलंगाना वन विभाग ऐसी दुकानों के आसपास बिना वर्दी वाले कर्मचारियों और गैर सरकारी संगठनों के साथ छह मोबाइल पार्टियों को तैनात करेगा। तेलंगाना में सिंथेटिक मांझा की बिक्री पर रोक है और वन विभाग इसे लागू करने में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहता। अभी तक तेलंगाना में करीब 28 लाख रुपए कीमत का 1391 किलोग्राम सिंथेटिक मांझा जब्त हो चुका है।
वन विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि नायलॉन/सिंथेटिक धागे और कांच की परत चढ़ा मांझा जानवरों, मनुष्यों और पर्यावरण की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा पैदा करता है। पिछले कुछ वर्षों में कांच की परत चढ़े नायलॉन मांझा ने असंख्य पक्षियों, जानवरों और मनुष्यों को गंभीर चोटें और दर्दनाक मौतें दी हैं। ऐसे मांझा के कारण छोटे बच्चों सहित कई मनुष्यों को भी अपंगता का सामना करना पड़ा है। यहां तक कि कई लोगों की जान भी चली गई है।
अधिकारी ने बताया कि सिंथेटिक मांझा लंबे समय तक पेड़ों के ऊपर, बिजली के तारों और छतों पर जहरीले प्रदूषक के रूप में पर्यावरण में रहता है। यह चोटों और यहां तक कि मौतों का कारण भी बनता है। थोड़ी सी लापरवाही से ये मांझा पतंग उड़ाने वालों की उंगलियों, हाथों और गले को आसानी से काट देता है।
तेलंगाना सरकार ने पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 की धारा 5 के तहत अपनी शक्तियों का प्रयोग करते हुए जुलाई 2017 में नायलॉन-धागे की खरीद, भंडारण, बिक्री और उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया। इसे आमतौर पर 'चीनी डोर' भी कहा जाता है। ऐसे मामलों की सूचना तेलंगाना राज्य वन विभाग को 24 x 7 हेल्पलाइन 1800-425-5364 या 040-23231440 पर दी जा सकती है।












Click it and Unblock the Notifications