Rajasthan: 'मोदी सरकार नहीं बनने देना चाहती कोटा एयरपोर्ट', सीएम गहलोत ने लगाए केंद्र सरकार पर आरोप

Rajasthan News: राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत पिछले दिनों कोटा दौरे थे, कोटा के प्रस्तावित एयरपोर्ट को लेकर सीएम गहलोत ने आरोप लगाए थे कि केंद्र सरकार इसमें अनावश्यक रोड़े अटका रही है. बता दें, सीएम गहलोत ने कोटा के नए ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट की भूमि का निरीक्षण किया था।

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शंभूपुरा स्थित एयरपोर्ट की जमीन का निरीक्षण करने पहुंचे अशोक गहलोत ने कहा कि कोटा बदल रहा है. कोटा को चंबल रिवर फ्रंट और ऑक्सीजन पार्क मिला है. ट्रैफिक फ्री रोड लाइट हो रही हैं, जो पूरे राजस्थान में कहीं नहीं हैं. बड़े-बड़े चौराहे बनाए गए हैं।

'एयरपोर्ट न होने की वजह से टूरिस्ट नहीं आते'

सीएम अशोक गहलोत ने कहा कि ओवर ब्रिज और अंडर ब्रिज खूब बन गए हैं. सड़कें चौड़ी हो गई हैं. टूरिस्ट अभी कोटा में आते नहीं हैं, वह जयपुर, भरतपुर, मारवाड़ की तरफ निकल जाते थे. सिर्फ एक कमी एयरपोर्ट की बची है, जिसकी वजह से टूरिस्ट नहीं आते है.

'जहां एयरपोर्ट, वहां जाते हैं टूरिस्ट'

सीएम गहलोत ने कहा कि एयरपोर्ट नहीं होगा तो टूरिज्म नहीं आएगा. टूरिस्ट वहीं जाते है जहां उनको एयरपोर्ट की सुविधा होती है. दिल्ली से मुंबई, जयपुर टूरिस्ट जाते है. सिविल एविएशन को एयरपोर्ट की जमीन स्टेट गवर्नमेंट दे चुकी है और इनके खाते दर्ज हो चुकी है. फॉरेस्ट की लैंड है उसके लिए अड़चन पैदा की जा रही है .

'केंद्र को लगता है इसका श्रेय राज्य ले जाएगा'

पहले 45 करोड़ रुपए मांगे गए, उसके बाद 55 से 60 करोड़ मांगने लगे. फिर हाई टेंशन लाइन यहां पर चल रही है, जिसका पैसा भी स्टेट गवर्नमेंट देगी. लगभग 50 करोड़ रुपए कीमत चुकानी है. उन्होंने कहा कि मैंने खुद लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला से बात की, लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को लगता होगा या अन्य केंद्र के नेताओं को लगता होगा कि इसका श्रेय राजस्थान सरकार क्यों ले।

राहुल गांधी ने कोटा के लोगों से किया था वादा

राहुल गांधी जी जब कोटा आए थे तब उन्होंने वादा किया था कि हमारी सरकार जब आएगी तो कोटा में एयरपोर्ट बनाएंगे. ये घोषणा उन्होंने कर दी थी, शायद इसलिए उनके पेट में दर्द हो रहा है. इसलिए एयरपोर्ट के काम को आगे बढ़ने नहीं दे रहे हैं. मैंने ओम बिरला जी से बात भी की लेकिन बात 55 करोड़ 60 करोड़ की होती रही है, जबकि भारत सरकार समुद्र की तरह है, 50- 60 करोड़ रुपये क्या मायने रखते है. ओम बिड़ला स्पीकर है. उन्हें कोई मंत्री मना नहीं कर सकता.

तमाम अड़चनें दूर करने की अपील

नियमो में कोई शिथिलता की आवश्यकता हो तो भी कर देना चाहिए. तमाम अड़चनें जो पैदा की गई हैं, उन्हें दूर करवाया जाए. सबसे महत्वपूर्ण मामला है कोटा एयरपोर्ट का, ओम बिड़ला का ये पहला कर्तव्य है की वो अगले एक-दो महीने में इसके काम को आगे बढ़वा दे. मुझे दुख होता है कि ये काम क्यों नही आगे बढ़ रहा है।

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