राजस्थान सरकार ने की 26 जिलों में 61 रॉयल्टी ठेकों की ई-प्लेटफार्म पर नीलामी
जयपुर: राजस्थान सरकार ने 26 जिलों में 61 रॉयल्टी ठेकों की ई-प्लेटफार्म पर नीलामी की प्रक्रिया शुरू कर दी है। मकसद खनन पट्टों से निकलने वाले खनिज पर देय राजस्व की वसूली का है। खान एवं पेट्रोलियम विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुबोध अग्रवाल ने बताया कि खनन पट्टों से निकाले जाने वाले खनिज पर वसूली रॉयल्टी कलेक्शन कॉन्ट्रेक्ट (आरसीसी), एक्सेस रॉयल्टी कलेक्शन कॉन्ट्रेक्ट (ईआरसीसी), जिला स्तरीय मिनरल फाउंडेशन ट्रस्ट (डीएमएफटी), राज्य स्तरीय मिनरल एक्सप्लोरेशन ट्रस्ट (आरएसएमईटी) के लिए दिए जाएंगे।

अग्रवाल ने बताया कि 482 करोड़ 40 लाख रुपए से अधिक की आरक्षित राशि के ठेकों की ई-नीलामी की सूचना जारी कर दी है। आरसीसी, ईआरसीसी, डीएमएफटी और आरएसएमईटी वसूली के ठेके 26 जिलों के खनिज अभियंताओं के क्षेत्राधिकार में हैं। इनमें जयपुर, अजमेर, जोधपुर, बाड़मेर, उदयपुर, सिरोही, नागौर, भीलवाड़ा, पाली, भरतपुर, झुन्झुनू, हनुमानगढ़, प्रतापगढ़, कोटा, श्रीगंगानगर, करौली, बूंदी, चित्तोडगढ़, दौसा, अलवर, डूंगरपुर, राजसमंद, झालावाड़, बारां, चुरू और टोंक जिले में स्थित खननपट्टों, क्वारी लाईसेंसों व परमिट क्षेत्रों में विभिन्न खनिजों की रॉयल्टी वसूली से संबंधित हैं।
देश-दुनिया में कहीं से भी ई-नीलामी प्रक्रिया का हिस्सा बनाने की व्यवस्था की गई है। माइंस विभाग ने पारदर्शी व्यवस्था से राज्य के 61 रॉयल्टी ठेकों की ई-नीलामी के लिए विभागीय वेबसाइट पर विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराई है। भारत सरकार की तरफ से खनिजों की नीलामी के ऑनलाइन एमएसटीसी पोर्टल पर ई-नीलामी की जानकारी हासिल की जा सकती है। ई-ऑक्शन में हिस्सा लेने वाले इच्छुक व्यक्तियों को भारत सरकार के पोर्टल पर पंजीयन कराना होगा। पहले से पंजीकृत व्यक्ति, फर्म या कंपनी को दुबारा पंजीयन की आवश्यकता नहीं होगी।
एसीएस ने बताया कि ठेके मुख्य रूप से माइनर मिनरल्स ग्रेनाइट, जिप्सम, मार्बल, मेसेनरी स्टोन, क्वार्ट्ज, फैल्सपार, केलस्टाइन, सोपस्टोन, सिलिका सेंड की खानों से आरआरसी, ईआरआरसी, डीएमएफटी, आरएसएमईटी आदि के शुल्क, अधिशुल्क वसूली के लिए दिए जा रहे हैं। ई-प्लेटफार्म पर पारदर्शी व्यवस्था के जरिए नीलामी से स्वस्थ्य प्रतिस्पर्धा होने के साथ ही राजस्व वृद्धि की भी संभावना हो जाती है। उन्होंने बताया कि नीलामी के बाद ठेका किसी अन्य को हस्तांतरण, सबलेट तथा सरेंडर नहीं किया जा सकेगा।
माइंस निदेशक कुंज बिहारी पण्ड्या ने बताया कि 482 करोड़ रुपए से अधिक की आरक्षित राशि के रॉयल्टी ठेकों की ई-नीलामी 7, 8 और 9 सितंबर को रखी है। रॉयल्टी ठेकों की नीलामी की विस्तृत जानकारी में ठेकों से संबंधित शर्तें, नियम, प्रक्रिया विभागीय वेबसाइट और भारत सरकार के पोर्टल पर भी देखी जा सकती है। ठेकों की नीलामी प्रक्रिया को पारदर्शी और सुगम बनाने के लिए ही विभाग ने भारत सरकार के पोर्टल से नीलामी की व्यवस्था की है। 10 करोड़ रुपए से अधिक की बिड राशि के ठेकों मे ठेकेदार को स्वयं के खर्चें पर कम्प्यूटराइज्ड तुला यंत्र यानी की कम्प्यूटरीकृत तुलाई मशीन लगानी होगी।












Click it and Unblock the Notifications