पंजाब: इंप्रूवमेंट ट्रस्ट में हुए घोटालों पर ED का रडार, विजिलेंस से मांगा गया रिकॉर्ड
लुधियाना। यहां इंप्रूवमेंट ट्रस्ट में हुए घोटालों की जांच ED (प्रवर्तन निदेशालय) को सौंपी जा सकती है। पंजाब विजिलेंस टीम द्वारा इस मामले में पूर्व चेयरमैन रमन, ई ओ व अन्य मुलाजिमों के खिलाफ पहले ही केस दर्ज किया जा चुका है। पूर्व चेयरमैन, ई ओ कुलजीत कोर, कई मुलाजिमों व प्रॉपर्टी डीलरों पर एल डी पी प्लाटों की अलॉटमेंट में नियमों का उल्लंघन करने के आरोप हैं। बताया जा रहा है कि, ड्रा निकालने की आड़ में फर्जीवाड़ा करके प्राइम लोकेशन पर कमर्शियल वैल्यू के प्लॉट देने से इंप्रूवमेंट ट्रस्ट को करोड़ों का चूना लगाया गया।

इस कांड में मोटी रिश्वत का लेन-देन होने की बात भी सामने आ रही है। वहीं, ट्रस्ट के अधिकारियों द्वारा कमर्शियल, रिहाइशी प्रॉपर्टी व स्कूल साइट की ऑनलाइन बोली के सिस्टम को कंट्रोल करके चहेतों को सस्ते दामों पर प्रॉपर्टी बेचने का खुलासा भी हुआ है। एक न्यूज पोर्टल के हवाले से बताया गया कि, बी आर एस नगर व शहीद भगत सिंह नगर में स्थित मृत लोगों की प्रॉपर्टी फर्जी दस्तावेजों के दम पर दूसरे लोगों के नाम पर ट्रांसफर कर दी गई। इस घोटाले को अंजाम देने के लिए में पूर्व चेयरमैन के पी ए संदीप शर्मा द्वारा खासा जोर लगाया गया था।

अब आने वाले दिनों में ED इस मामले की जांच शुरू कर सकती है। पंजाब केसरी की एक रिपोर्ट के मुताबिक, ई.ओ. द्वारा इंजीनियरिंग विंग के अधिकारियों के साथ मिलकर विकास कार्यों के टेन्डर व पेमेंट जारी करने के लिए ठेकेदारों से 5 फीसदी तक कमिशन लेने की बात कबूल की गई, जिसे लेकर ई ओ, मुलाजिमों संदीप शर्मा, हरमीत सिंह, प्रवीन कुमार को गिरफ्तार किया गया है और दूसरे आरोपियों मे शामिल पूर्व चेयरमैन, एस डी ओ अंकित महाजन, प्रॉपर्टी डीलर मनजीत सिंह सेठी की जमानत याचिका को कोर्ट द्वारा खारिज कर दिया गया है। इसी बीच यह केस ED के रडार पर आ गया है, क्योंकि यह मामला प्रॉपर्टी की खरीद-फरोख्त व कैश के लेन देन से जुड़ा हुआ है। जिसके मद्देनजर ED द्वारा विजिलेंस व इंप्रुवमेंट ट्रस्ट से मामले से जुड़ा रिकॉर्ड मांगा गया है।












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