पंजाब में बिजली की दरें घटाने को विपक्ष ने ड्रामा बताया
चंडीगढ़। पंजाब में कांग्रेस की चरणजीत सिंह चन्नी सरकार द्वारा राज्य में बिजली की दरों में तीन रुपये प्रति यूनिट कम करने को विपक्ष ने सियासी व चुनावी स्टंट बताया है। शिरोमिण अकाली दल, भारतीय जनता पार्टी और आम आदमी पार्टी के नेताओं ने कहा कि चुनाव को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। विपक्ष ने पूछा कि कांग्रेस सरकार ने इस मामले पर अब तक कदम क्यों नहीं उठाया।

शिरोमणि अकाली दल के मुख्य प्रवक्ता डा. दलजीत चीमा ने कहा कि बेशक सरकार ने तीन रुपये यूनिट बिजली कम कर दी है लेकिन सरकार अभी भी शिअद-बसपा गठबंधन के चार सौ यूनिट प्रति महीना निश्शुल्क बिजली करने के वादे से बिजली उपभोक्ताओं से 3,791 करोड़ रुपये अधिक ले रही है।
चीमा ने कहा कि पंजाब भवन में कांग्रेस अध्यक्ष नवजोत सिद्धू के अपनी ही सरकार पर दिया गया बयान कांग्रेस सरकार के असली इरादों को साफ करता है। सिद्धू ने कांग्रेस सरकार को यह कहकर बेनकाब कर दिया है कि वह न केवल पिछले दो महीनों के कार्यकाल के दौरान लोगों को मूर्ख बनाना चाहती है। सिद्धू ने यह बताने के लिए भी कहा है कि सरकार अपने वादे के अनुसार वादे पूरे करने के लिए धन कहां से लाएगी। मुख्यमंत्री को विपक्ष को नहीं तो अपने ही प्रदेश अध्यक्ष को अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए।
पंजाब भाजपा महामंत्री डा. सुभाष शर्मा ने बिजली दरों में कटौती की घोषणा को चुनावी स्टंट करार दिया। उन्होंने कहा कि पिछले साढ़े चार साल में पंजाब की कांग्रेस सरकार ने बिजली के बिल पर पंजाबियों को लूटा है। अब सरकार में केवल दो महीने बचे हैं, लोगों को बेवकूफ बनाने के लिए यह फैसला लिया गया है लेकिन पंजाब के लोग जागरूक हैं, वे इनके झांसे में नहीं आएंगे।
पंजाब के कर्मचारियों को 11 प्रतिशत डीए देने के निर्णय पर तंज कसते हुए कहा कि पिछले 3 साल से पंजाब के कर्मचारी 6वां वेतन आयोग के लिए तरस रहे थे। केंद्र की मोदी सरकार ने 7वां वेतन आयोग लागू किया है, जो पिछले तीन साल से लागू है। पंजाब की कांग्रेस सरकार अब नींद से जाग गई है। कर्मचारियों को यह वेतन ब्याज के साथ मिलना चाहिए।
आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता व पंजाब के सह प्रभारी राघव चड्ढा ने कहा कि पंजाब में सस्ती बिजली का वादा चन्नी चुनावी स्टंट है। बिजली की दरों में कटौती सिर्फ 31 मार्च 2022 तक के लिए की गई है। कांग्रेस के चुनावी स्टंट में पंजाब की जनता अगर फंसी तो 31 मार्च 2022 के बाद फिर से बिजली महंगी हो जाएगी। ड्रामेबाज चन्नी का यह वादा कैप्टन अम¨रदर के रोजगार के वादे जैसा है। इसमें कोई अंतर नहीं है। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी के बिजली गारंटी देने से चरणजीत घबरा गए। जिसकी वजह से बिजली के मुद्दे पर लोगों से झूठा वादा किया गया है।












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