ओडिशा सरकार ने MCR नियमों को अधिसूचित किया, निजी खदान अब सिर्फ 50 प्रतिशत खनिज बेच पाएंगी
भुवनेश्वर, नवंबर 10। खनिज मंत्रालय ने (परमाणु और हाइड्रो कार्बन ऊर्जा खनिज के अलावा) रियायत (चौथा संशोधन) नियम, 2021 अधिसूचित किया है जो सभी प्रकार की खदानों के खनन पट्टे के हस्तांतरण और 50 प्रतिशत खनिज की बिक्री का मार्ग प्रशस्त करेगा। खनिज उत्पादन बढ़ाने और नीलामी की गई खदानों के समयबद्ध संचालन के उद्देश्य से राज्य सरकार उद्योग संघों, खनिकों और अन्य हितधारकों के साथ व्यापक परामर्श के बाद खनिज (परमाणु और हाइड्रो कार्बन ऊर्जा खनिज के अलावा) रियायत नियम, 2016 में संशोधन किया गया था।

सरकार के इस फैसले के पीछे अन्य उद्देश्यों में खनन क्षेत्र में अधिक निवेश, रोजगार सृजन, खनिज संसाधनों की खोज और नीलामी की गति बढ़ाना शामिल है। इस संशोधन के साथ, सरकार ने कैप्टिव खदानों की क्षमता का अधिक से अधिक उपयोग करके बाजार में अतिरिक्त खनिजों को जारी करने का मार्ग प्रशस्त किया है। खनिज की निर्धारित मात्रा की बिक्री की अनुमति भी पट्टेदारों को कैप्टिव खानों से उत्पादन बढ़ाने के लिए प्रेरित करेगी।
इसके अलावा बेची गई मात्रा के संबंध में अतिरिक्त प्रीमियम राशि, रॉयल्टी और अन्य वैधानिक भुगतानों का भुगतान राज्य सरकारों के राजस्व को बढ़ावा देगा। खनन पट्टा स्वीकृत करने के लिए न्यूनतम क्षेत्र 5 हेक्टेयर से बढ़ाकर 4 हेक्टेयर कर दिया गया है जबकि कुछ विशिष्ट जमाओं के लिए न्यूनतम 2 हेक्टेयर प्रदान किया गया है।












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