ओडिशा की शिक्षा में होगा सुधार, शिक्षकों का किया जाएगा अकादमिक ऑडिट
ओडिशा में बीएड सीटों की संख्या पर प्रतिबंध की वजह से इच्छुक लोग दूसरे राज्यों खासकर आंध्र प्रदेश से डिग्री लेते हैं,

ओडिशा में शिक्षा में सुधार के लिए 'स्कूल और जन शिक्षा विभाग' सरकारी स्कूलों में लगे शिक्षकों की गुणवत्ता का ऑडिट करने की योजना बना रहा है, जिन्होंने अन्य राज्यों बीएड की डिग्री ली है।
इसके अलावा, राज्य द्वारा संचालित डिग्री कॉलेजों और विश्वविद्यालयों द्वारा स्व-वित्तपोषित मोड में पेश किए जा रहे बीएड पाठ्यक्रमों को उच्च शिक्षा विभाग द्वारा अकादमिक ऑडिट का सामना करना पड़ेगा। मुख्य सचिव प्रदीप जेना की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में निर्णय लिए गए।
ओडिशा में बीएड सीटों की संख्या पर प्रतिबंध और निजी संस्थानों के पाठ्यक्रम की पेशकश करने पर प्रतिबंध के साथ, इच्छुक लोग दूसरे राज्यों खासकर आंध्र प्रदेश से डिग्री लेते हैं। राज्य में वर्तमान में 29 शिक्षक प्रशिक्षण संस्थान हैं, जो बीएड करवा रहे। राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) ने हाल ही में ऐसे 16 संस्थानों की मान्यता बहाल की है। शिक्षकों की आवश्यक संख्या और बुनियादी ढांचे की कमी के कारण तीन साल पहले संस्थानों की मान्यता वापस ले ली गई थी।
यह निर्णय लिया गया कि विभाग पिछले तीन वर्षों के दौरान नियुक्त राज्य के बाहर के शिक्षकों की शैक्षणिक और शिक्षाशास्त्र प्रोफाइल तैयार करेगा। स्कूल और जन शिक्षा विभाग के एक अधिकारी ने कहा कि इससे हमें पड़ोसी राज्यों में निजी बीएड कॉलेजों द्वारा पेश किए जा रहे पाठ्यक्रमों की गुणवत्ता की जांच करने में मदद मिलेगी।












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