ओडिशा निकाय चुनाव: वित्तीय और संगठनात्मक मदद के बिना लड़खड़ा रहे भाजपा प्रत्याशी
ओडिशा में 24 मार्च को होने वाले शहरी स्थानीय निकाय चुनाव से पहले पार्टी उम्मीदवारों को भाजपा ने मझधार में छोड़ दिया है।
भुवनेश्वर, 22 मार्च। ओडिशा में 24 मार्च को होने वाले शहरी स्थानीय निकाय चुनाव से पहले पार्टी उम्मीदवारों को भाजपा ने मझधार में छोड़ दिया है। भाजपा उम्मीदवार को पार्टी से आर्थिक और संगठनात्मक तौर पर वह समर्थन नहीं मिल रहा है जिसकी उन्हें उम्मीद थी, जबकि प्रतिद्वंदी बीजेडी अपने उम्मीदवारों का हर तरह से सपोर्ट कर रही है।

तीन केंद्रीय मंत्रियों सहित भाजपा के शीर्ष नेता हाल ही में हुए जिला पंचायत चुनावों में पार्टी की करारी हार के बावजूद अपने उम्मीदवारों का समर्थन करते दिखाई नहीं दे रहे हैं। एक वरिष्ठ नेता ने इस बात को स्वीकारते हुए कहा कि हम बीजेडी से मुकाबले में कहीं नहीं खड़े हैं क्योंकि वह न केवल अपने उम्मीदवारों पर पानी की तरह पैसा बहा रही है बल्कि प्रत्येक उम्मीदवार के लिए अपनी सारी संगठनात्मक ताकत भी लगा रही है। उन्होंने कहा कि चुनाव लड़ना काफी महंगा हो गया है और उम्मीदवार पार्टी के समर्थन के बिना ऐसी लड़ाई नहीं लड़ सकते।
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सूत्रों की मानें तो बीजेडी ने न सिर्फ अपने उम्मीदवारों के लिए बागी और संभावित प्रतिद्वंदियों को खरीदने के लिए भी अपना खजाना खोल दिया है। हालांकि, भाजपा ने अधिसूचित क्षेत्र परिषदों (एनएसी) के प्रत्येक उम्मीदवार को 30,000 रुपये, नगर पालिकाओं के लिए 50,000 रुपये और नगर निगमों के लिए 1 लाख रुपये की मामूली राशि दी है।












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