Jharkhand में बनकर तैयार हुआ देश का सबसे बड़ा हाईकोर्ट भवन, न्यू ग्रीन कैंपस की ये हैं खूबियां
झारखंड हाईकोर्ट के वर्तमान मुख्य न्यायाधीश संजय कुमार मिश्र लगातार चल रहे कार्यों की मॉनिटरिंग कर रहे हैं।

झारखंड हाईकोर्ट की नई बिल्डिंग तैयार हो गई है। भवन निर्माण विभाग हैंडओवर के पहले बिल्डिंग को फाइनल टच दे रहा है। 30 अप्रैल तक राज्य सरकार नव निर्मित बिल्डिंग झारखंड हाईकोर्ट को आधिकारिक रूप से सौंप देगी। इसके बाद गर्मी की छुट्टी में हाईकोर्ट के पुराने भवन से आवश्यक दस्तावेज और कागजात नए भवन में शिफ्ट किए जाएंगे। गर्मी की छुट्टी के बाद हाईकोर्ट की नई बिल्डिंग में कोर्ट फैसले सुनाएगी।
झारखंड हाईकोर्ट परिसर के लिए राज्य सरकार ने 165 एकड़ जमीन दी है। लगभग 69 एकड़ भूमि का उपयोग हाईकोर्ट के प्रशासनिक भवन, कोर्ट रूम, अधिवक्ता रूम और अन्य कार्यों के लिए किया गया है। शेष भूमि में आवासीय परिसर बनाया जाएगा। हाईकोर्ट का बिल्डिंग पूरी तरह ग्रीन है। इसमें बिजली जरूरत को पूरा करने के लिए 2000 किलोवाट का सोलर पावर सिस्टम लगाया जा रहा है। पूरा परिसर वाई-फाई युक्त है।
साथ ही सेंसर आधारित बिल्डिंग मैनेजमेंट सिस्टम का भी उपयोग किया गया है। इससे एक ही जगह से बिजली, पंखा, एसी व अन्य जरूरी चीजों को मैनेज किया जा सकेगा। बिल्डिंग में चीफ जस्टिस सहित कुल 24 कोर्ट रूम बनाए गए हैं। चीफ जस्टिस का कोर्ट रूम 80 गुणा 65 और शेष 60 गुणा 40 फीट है। कोर्ट रूम की आंतरिक सज्जा अलग तरह की है, जो देश के अन्य किसी हाईकोर्ट में नहीं है। कोर्ट परिसर में ही 540 वकीलों के बैठने के लिए अलग-अलग चैंबर भी बनाए गए हैं।
हाईकोर्ट के नए भवन का शिलान्यास 9 फरवरी 2013 को सुप्रीम कोर्ट के तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश अल्तमस कबीर ने किया था। निर्माण 8 जून 2015 को शुरू हुआ। अप्रैल 2023 में काम पूरा होगा। इस पर 600 करोड़ रु. खर्च होने का अनुमान है। इसके लिए पहली बार 366 करोड़ की स्वीकृति दी गई थी। कंट्रैक्टर के साथ 290 करोड़ का एग्रीमेंट हुआ था। उसके बाद पुनरीक्षित प्राक्कलन के दूसरी बार 106 करोड़, तीसरी बार 124 करोड़ की राशि स्वीकृत की गई। सौर ऊर्जा के लिए 14 करोड़ की राशि अलग से दी गई है। हाईकोर्ट शुरू होने तक 100 करोड़ और खर्च होने का अनुमान है।












Click it and Unblock the Notifications