नवीन पटनायक सरकार का बड़ा फैसला, पिछड़े वर्ग के लोगों का होगा सामाजिक और शैक्षिक सर्वे
ओडिशा ऐसा दूसरा राज्य होगा, जिसने पिछड़े वर्ग के लोगों की सामाजिक आर्थिक स्थिति पर डेटा एकत्र करने का निर्णय लिया है। हालांकि, ओडिशा में चुनाव बड़े पैमाने पर जाति या धर्म के आधार पर नहीं लड़े जाते हैं।
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ओडिशा में पिछड़े वर्गों के लोगों की सामाजिक और शैक्षिक स्थितियों का सर्वेक्षण करने की अपनी योजना को फिर से शुरू करते हुए नवीन पटनायक सरकार ने जिलों को यह काम पूरा करने के लिए 12 जुलाई की समय सीमा दी है।
24 फरवरी को जारी एक पत्र में ओडिशा राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग (OSCBC) के सदस्य-सचिव वीर विक्रम यादव ने सभी जिला कलेक्टरों को 12 जुलाई तक सर्वेक्षण पूरा करने को कहा है। ओडिशा राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग इस सर्वेक्षण प्रक्रिया की निगरानी करेगा। हालांकि पिछड़े वर्गों के लोगों की आबादी पर कोई औपचारिक डेटा नहीं है, लेकिन माना जाता है कि वे राज्य की आबादी का लगभग 54% हिस्सा हैं।
गौरतलब है कि बिहार के बाद ओडिशा ऐसा दूसरा राज्य होगा, जिसने पिछड़े वर्ग के लोगों की सामाजिक आर्थिक स्थिति पर डेटा एकत्र करने का निर्णय लिया है। हालांकि, ओडिशा में चुनाव बड़े पैमाने पर जाति या धर्म के आधार पर नहीं लड़े जाते हैं, लेकिन लोकसभा और विधानसभा चुनावों से एक साल पहले सर्वेक्षण कराने के लिए बीजद सरकार का ये ताजा फैसला पिछड़े वर्गों के मतदाताओं को आकर्षित करने का एक प्रयास है।
साथ ही आबादी के इन क्षेत्रों के मतदाताओं को लुभाने के लिए विपक्षी भाजपा और कांग्रेस के किसी भी कदम को मात देने के ओडिशा सरकार के प्रयास के रूप में भी देखा जा रहा है। हालांकि नवीन पटनायक के नेतृत्व वाली बीजद सरकार ने मई और जून 2021 में सर्वेक्षण करने का फैसला किया था, लेकिन कोविड-19 की दूसरी लहर के कारण योजना को स्थगित कर दिया गया था।












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