तिरंगे को लेकर मोदी और शाह की अपील पर प्रियंका गांधी ने लगाया देशभक्ति का नया तड़का
प्रियंका गांधी ने कहा है कि केंद्र सरकार को खादी का तिरंगा झंडा बनाने वालों की बात ध्यान से सुननी चाहिए।
नई दिल्ली, 23 जुलाई: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने देशवासियों से अपील की है कि आजादी के अमृत महोत्सव के तहत हर कोई अपने घर पर 13 से 15 अगस्त तक राष्ट्रीय ध्वज फहराए। प्रधानमंत्री और शाह की मंशा इसके बहाने देशभक्ति के साथ साथ राष्ट्रवाद के अभियान को मजबूती देने की है। दोनों शीर्ष नेताओं की इस अपील पर कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने एक बयान देकर राजनीतिक तड़का लगा दिया है। प्रियंका गांधी ने कहा है कि केन्द्र सरकार को खादी का तिरंगा झंडा बनाने वालों की बात ध्यान से सुननी चाहिए। आयातित झंडे की बजाय केन्द्र सरकार को खादी से बने तिरंगे झंडे को खरीदने पर फैसला लेना चाहिए।

प्रियंका गांधी वाड्रा की यह मुहिम काफी बड़ी मानी जा रही है। दरअसल भारत ने खादी से बने तिरंगे को लेकर अंग्रेजों से 15 अगस्त 1947 को आजादी पाई थी और अब इसके 75 साल होने पर देश भर में जश्न मन रहा है। जाहिर है खादी के तिरंगे की बात कहकर प्रियंका ने एक नई सियासी बहस तो छेड़ ही दी है।
क्या है मामला?
केन्द्र सरकार ने 30 दिसंबर 2021 को फ्लैग कोड ऑफ इंडिया, 2002 में संशोधन कर दिया था। इस संशोधन के मुताबिक राष्ट्रीय ध्वज अब हाथ से काता और हाथ से बुना या मशीन से बना, कपास, पालिएस्टर, ऊन, रेशम खादी बंटिंग से बनाया जा सकता है। जबकि फ्लैग कोड ऑफ इंडिया, 2002 के मुताबिक राष्ट्रीय ध्वज केवल हाथ से बुना या हाथ से काता ही हो सकता था। इस संशोधन के पीछे केन्द्र सरकार की मंशा राष्ट्रीय ध्वज के दाम में कमी लाने की थी, क्योंकि हाथ से काता राष्ट्रीय ध्वज काफी मंहगा होता है। केन्द्र सरकार के इस कदम का देश भर के खादी संगठन और संस्थाएं विरोध कर रही हैं। उनका तर्क यह भी है कि यह देश के स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़ा संवेदनशील विषय है। खादी उद्योग से हजारो, लाखों परिवार भी जुड़े हैं और सरकार का यह निर्णय उन्हें भी प्रभावित करेगा।
खादी उद्योग को मिला प्रियंका गांधी वाड्रा का साथ
प्रियंका गांधी वाड्रा ने केन्द्र सरकार से हजारों लोगों की रोजी-रोटी का जरिया बने इस राष्ट्रीय ध्वज के बारे में संवेदनशीलता के साथ निर्णय लेने की अपील की है। उन्होंने कहा है कि प्रधानमंत्री को खुद दखल देना चाहिए। उन्हें झंडा नीति में संशोधन को बदलना चाहिए और हाथ से काता या बुना राष्ट्रीय ध्वज खरीदने की नीति को प्रभावी करना चाहिए। प्रियंका गांधी ने ट्वीट किया है कि विजयी विश्व तिरंगा प्यारा, झंडा ऊंचा रहे हमारा। यह केवल शब्द नहीं हैं। 140 करोड़ भारतीयों की भावना है। हमारा झंडा विविध रंग, रूप, स्थान, बोली, भाषा, खान-पान व अन्य मान्यताओं वाले देश में एकजुटता, गौरव, सहिष्णुता त्याग, बलिदान व आत्म सम्मान का प्रतीक है।
खादी से बना तिरंगा आत्मबल दर्शाता है
प्रियंका गांधी वाड्रा ने ट्वीट करते हुए कहा है कि प्रधानमंत्री जी खादी से बना तिरंगा देश के आत्मबल को दर्शाता है। इससे लाखो लोगों की जीविका जुड़ी है। आशा है कि आज के दिन आप खादी से झंडा बनाने वालों की बात सुनेंगे और उनकी मांग पर संवेदनशीलता के साथ निर्णय लेंगे।












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