हरियाणा: मनोहर पहल, अटल जयंती पर विभागों को मिलेंगे सुशासन अवार्ड
पुरस्कारों में राज्य सरकार की फ्लैगशिप योजनाएं जैसे परिवार पहचान पत्र, मुख्यमंत्री अंत्योदय परिवार उत्थान योजना, चिरायु हरियाणा योजना, ऑटो अपील सिस्टम (आस) सहित कई प्रोजेक्ट शामिल हैं।

हरियाणा मुख्यमंत्री मनोहर लाल के अधिकतम शासन और न्यूनतम सरकार के विजन को मूर्त रूप देने के लिए डिजिटल हरियाणा पहल के तहत इस बार सुशासन दिवस पर विभिन्न विभागों को 7 राज्य स्तरीय और 15 जिला स्तरीय सुशासन पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। 25 दिसंबर को सुशासन दिवस पर पंचकूला में राज्य स्तरीय होने वाले कार्यक्रम में मुख्यमंत्री मनोहर लाल पुरस्कार वितरित करेंगे। पुरस्कारों में राज्य सरकार की फ्लैगशिप योजनाएं जैसे परिवार पहचान पत्र, मुख्यमंत्री अंत्योदय परिवार उत्थान योजना, चिरायु हरियाणा योजना, ऑटो अपील सिस्टम (आस) सहित कई प्रोजेक्ट शामिल हैं।
सुशासन अवसर पर विजेताओं को पुरस्कार उनके संबंधित विभागों में डिजिटल सुधार लाने और राज्य सरकार द्वारा लोगों को समयबद्ध व परेशानी मुक्त तरीके से नागरिक केंद्रित सेवाओं के वितरण के लिए ई-गवर्नेंस को लागू करने के लिए दिए जा रहे हैं। सरकार के अनुसार ये सुधार प्रगतिशील राज्यों में हरियाणा को अग्रणी बनाने में भी सहायक सिद्ध हो रहे हैं। उल्लेखनीय है कि 26 अक्तूबर, 2014 को सत्ता संभालने के दो माह बाद ही मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने 25 दिसंबर से ही पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी के जन्मदिवस पर पहली बार सुशासन की अवधारणा लागू की थी।
तब से लेकर प्रत्येक वर्ष सुशासन दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री एक नया संकल्प लेते हैं और वर्षभर उसको धरातल पर उतारने के लिए सीएमओ व प्रशासनिक सचिव स्तर के अधिकारियों का विशेष फोकस रहता है।
25 दिसंबर को जब मुख्यमंत्री पंचकूला से वर्चुअल माध्यम से सभी जिलों से जुड़ेंगे तो एक और नया संकल्प लेने की संभावनाओं से इनकार नहीं किया जा सकता। इस दिन मुख्यमंत्री पंचायती राज संस्थानों के चुने हुए नए जन-प्रतिनिधियों से भी संवाद करेंगे और छोटी सरकारों से नववर्ष के तोहफे के रूप में सुशासन पर चलने का आह्वान भी करेंगे। वे केंद्र सरकार के सुशासन सप्ताह के दौरान दिए गए शीर्ष वाक्य 'प्रशासन गांव की ओर' को भी अमलीजामा पहनाने में लगे हैं।
'पेपरलेस' और 'फेसलेस' सेवा पर जोर
नागरिकों को पेपरलेस व फेसलेस सेवा प्रदान करने के लिए परिवार पहचान-पत्र जैसी महत्वाकांक्षी योजना को लागू किया गया है। 16 दिसंबर तक 2.85 करोड़ से अधिक नागरिकों और 71.89 लाख से अधिक परिवारों ने पीपीपी में अपना डाटा अपडेट किया है। वर्तमान में लगभग 450 योजनाओं, सब्सिडी और सरकारी सेवाओं को पीपीपी के साथ जोड़ा गया है। वृद्धावस्था पेंशन के सक्रिय वितरण के साथ नागरिकों द्वारा जाति और आय प्रमाण-पत्र बनवाने की सेवा पहले से ही चालू है।
अंत्योदय परिवार उत्थान योजना
मुख्यमंत्री अंत्योदय परिवार उत्थान योजना गरीब परिवारों के आर्थिक उत्थान में सहयोगी साबित हुई है। योजना के तहत सभी 22 जिलों में तीन चरणों में कुल 861 मेलों का आयोजन किया गया। इन मेलों में कुल 1,37,544 चिन्हित लाभार्थी पहुंचे और विभिन्न ऋण आधारित योजनाओं, कौशल विकास प्रशिक्षण एवं रोजगार सृजन योजनाओं के तहत 76,941 लाभार्थियों के आवेदन सैद्धांतिक रूप से स्वीकृत किए गए। 35,414 लाभार्थियों के ऋण स्वीकृत किए गए, जिनमें से 18,918 को ऋण वितरित भी किए जा चुके हैं। 453 लाभार्थी निजी रोजगार में नियुक्त हुए। साथ ही, 1901 लाभार्थियों को हरियाणा कौशल रोजगार निगम के माध्यम से काॅन्ट्रेक्ट आधारित नौकरियां दी गई।
अब चिरायु हरियाणा
अंत्योदय परिवारों को स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ सुनिश्चित करने के दृष्टिगत शुरू की गई चिरायु हरियाणा योजना बेहद लाभकारी सिद्ध हो रही है। इस योजना का उद्देश्य 15.51 लाख एसईसीसी परिवारों सहित राज्य के 28 लाख अंत्योदय परिवारों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य देखभाल प्रदान करना है। इस योजना के तहत सभी परिवारों को 5 लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज की सुविधा मिल रही है। यह सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) को प्राप्त करने का भी एक प्रयास है।
ऑटो अपील सिस्टम (आस)
ऑटो अपील सिस्टम (आस) प्रदेश में सुशासन सुनिश्चित करने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इस सिस्टम के लागू होने के बाद प्रथम शिकायत निवारण प्राधिकरण, द्वितीय शिकायत निवारण प्राधिकरण, और सेवा का अधिकार आयोग के समक्ष 4,43,263 अपीलें की गई, जिनमें से 2,76,238 अपीलों का समाधान किया गया है। इस प्रणाली के लॉन्च होने के एक साल के भीतर ही ऐसी लंबित अपीलों की संख्या में भारी कमी आई है।












Click it and Unblock the Notifications