जेजेपी की राजस्थान में धाकड़ एंट्री, विस चुनाव के लिए ठोकी ताल
हरियाणा में जननायक जनता पार्टी ने वर्ष 2019 के विधानसभा चुनाव में जो करामात दिखाई थी, उसी तर्ज़ पर राजस्थान में जेजेपी ने धाकड़ एंट्री की है।
कोटपुतली में हुई रैली बेशक विधानसभा क्षेत्र की आयोजित की गई थी, परन्तु इसमें उमड़ी हज़ारों की भीड़ को देखकर लगता है कि इस रैली के बाद कइयों की नींद उड़ गई होगी।

हरियाणा के उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला का रैली के दौरान पूरा क्रेज़ रहा। राजस्थान में अच्छा दबदबा रखने वाली सभी राजनैतिक पार्टियों की इस रैली पर नज़र थी, क्योंकि चौधरी देवीलाल परिवार ने जब-जब राजस्थान में दस्तक़ दी है तब-तब इस प्रदेश की जनता ने आशीर्वाद के रूप में हमेशा उम्मीद से बढ़कर ही दिया है।
अधेड़ उम्र के यहां के लोग दुष्यंत चौटाला के परदादा चौधरी देवीलाल के ठेठ अंदाज़ को भुले नहीं हैं जब वे "राम राम भाई सा" कह कर अपनी बात शुरू करते थे। इसी बेबाकीपन और राजस्थानी अपनेपन के अंदाज़ का ही करिश्मा रहा कि वर्ष 1989 में देवीलाल राजस्थान से सांसद चुने गए और देश के उपप्रधानमंत्री के पद तक पहुंचे। देवीलाल के पोते और दुष्यंत चौटाला के पिता डॉ अजय सिंह चौटाला ने भी अपने राजनैतिक सफ़र की शुरुआत राजस्थान की भूमि से की। जब अजय सिंह चौटाला राजस्थान यूनिवर्सिटी में एलएलबी की पढाई कर रहे थे, तो उस वक्त उन्होंने वर्ष 1980 में छात्र-राजनीति में प्रवेश किया था। पढ़ाई पूरी होने के बाद इन्होने सक्रिय राजनीति में हिस्सा लिया और चौधरी देवीलाल के कहने पर अजय सिंह चौटाला ने वर्ष 1989 में दातारामगढ़ से और वर्ष 1993 में नोहर विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ा और भारी बहुमत से चुनाव जीतकर विधायक चुने गए थे। अजय सिंह चौटाला बाद में भी राजस्थान में राजनैतिक रूप से सक्रिय रहे और इनकी मेहनत की बदौलत बाद में इनकी तत्कालीन पार्टी के चार विधायक राजस्थान से चुने गए थे।
देवीलाल परिवार की चौथी पीढ़ी दुष्यंत चौटाला और दिग्विजय चौटाला ने आज राजस्थान विधानसभा चुनाव के लिए जो दमदार एंट्री ली है उससे यहां के राजनैतिक दलों को अपनी रणनीति बदलने पर मजबूर होना पड़ सकता है। आज की रैली में जो क्रेज़ उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला का दिखाई दिया, वैसा ही क्रेज़ वर्ष 2019 के शुरूआती दौर में दिखाई दिया था। इस रैली में काफी युवा दुष्यंत चौटाला के साथ सेल्फ़ी लेने की होड़ में थे, दुष्यंत ने भी युवाओं को निराश नहीं किया बल्कि खुद अपनी सिक्योरिटी को पीछे करके युवाओं के साथ पूरे गर्मजोशी से मिले।
जेजेपी के राष्ट्रीय महासचिव दिग्विजय चौटाला के नेतृत्व में राजस्थान में यूनिवर्सिटी और कॉलेजों के छात्र -चुनावों में भी जेजेपी की छात्र -विंग इनसो ने बेहतरीन प्रदर्शन करके सबको चौंका दिया था। जहाँ तक जेजेपी के राजनैतिक-उदय और सफ़र की बात है , हरियाणा में मात्र दस महीनों की पार्टी ने वर्ष 2019 के विधानसभा चुनाव में 10 सीटें जीतकर राजनैतिक गलियारों हलचल पैदा कर दी थी। यह शायद देश की राजनीति में पहला उदाहरण था कि इतने कम समय में इतनी ज्यादा मेहनत करके किसी क्षेत्रीय दल का अगुआ युवा प्रदेश के उपमुख्यमंत्री की कुर्सी तक पहुंचा हो। माना जाता है कि दुष्यंत चौटाला जिस तरह निखरे हुए पॉलिटिशियन की भांति हर क़दम फूंक-फूंक कर रख रहे हैं उससे राजस्थान के विधानसभा के चुनावों में उनकी खास-भूमिका की चर्चा होने लगी है।












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