सीएम की घोषणा: केंद्र ने पीएम आवास को मंजूरी नहीं दी तो झारखंड ने शुरू की अबुआ आवास योजना
केंद्र सरकार ने झारखंड के लिए 8.50 लाख प्रधानमंत्री आवास के निर्माण की मंजूरी नहीं दी तो राज्य सरकार ने अबुआ आवास योजना की शुरुआत कर दी। अब राज्य सरकार अपने खर्च पर जरूरतमंदों को तीन कमरों का आवास देगी। अगले दो साल में इस पर 15 हजार करोड़ रुपए खर्च होंगे। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने स्वतंत्रता दिवस पर इस योजना की घोषणा की।
उन्होंने कहा- मैंने राज्य में जरूरतमंदों को तीन कमरों का आवास देने का वादा किया था। अपने वादे को पूरा करते हुए एक नई योजना-अबुआ आवास याेजना शुरू कर रहा हूं। इससे जरूरतमंदों को आवास देना सुनिश्चित किया जाएगा। इससे एक मजबूत झारखंड का निर्माण होगा। हमारी सरकार जन सहयोग और जन भागीदारी से एक ऐसी व्यवस्था को आकार देने का प्रयास कर रही है, जिससे सभी जरूरतमंदों को अधिकार मिल सके।

जानिए... मुख्यमंत्री ने किस मुद्दे पर क्या कहा
नौकरियों पर... 38 हजार पदों पर हो रही नियुक्ति सीएम ने कहा- हम विकास की यात्रा में सभी को साथ लेकर आगे बढ़ने का प्रयास कर रहे हंै। करीब 38 हजार पदों पर नियुक्तियां हो रही हैं। इसमें तेजी लाने के लिए झारखंड कर्मचारी चयन आयोग को भर्ती के लिए अधियाचना भेज दी गई है। जल्दी ही नियुक्ति प्रक्रिया पूरी की जाएगी। चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने को झारखंड प्रतियोगी परीक्षा (भर्ती में अनुचित साधनों की रोकथाम और रोकथाम के उपाय) विधेयक विधानसभा में पारित किया गया है। ताकि मेधावी युवाओं का भविष्य सुरक्षित हो।
स्वरोजगार पर... युवाओं के लिए सस्ते लोन की व्यवस्था
राज्य के 80 प्रखंड मुख्यालयों में बिरसा केंद्र शुरू किए गए हैं, जहां युवाओं को कौशल प्रशिक्षण, रोजगार प्रोत्साहन भत्ता और परिवहन भत्ता दिया जा रहा है। आदिवासी, दलित, पिछड़े, अल्पसंख्यक और दिव्यांगों को व्यवसाय के लिए सस्ते दर पर लोन दिए जा रहे हैं। इसके लिए मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना क्रियान्वित की जा रही है।
किसानों पर... 88 योजनाएं चल रही: किसानों का जिक्र करते हुए हेमंत ने कहा कि राज्य में उनके लिए कुल 88 योजनाएं चल रही हैं। इनमें बिरसा सिंचाई कूप योजना भी शामिल है। इसके तहत 15 नवंबर 2024 तक एक लाख कुएं खोदे जाएंगे। सोन-कनहर पाइपलाइन योजना पर भी काम चल रहा है। सीएम ने अन्य योजनाओं का भी जिक्र किया।
और केंद्र पर भी साधा निशाना: हेमंत सोरेन ने केंद्र सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा-राज्य को सूखे के लिए जरूरी सहायता नहीं मिली। फिर भी राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री सूखा राहत योजना और झारखंड कृषि ऋण माफी योजना के माध्यम से किसानों को हर संभव मदद देने की कोशिश की है।












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