झारखंड- सूखे से परेशान किसानों को राहत देने के लिए सरकार ने बनाई योजना
झारखंड सरकार सूखे की मार झेल रहे किसानों को राहत देने की योजना पर लगातार काम कर रही है। लेकिन, अबतक इसके लिए आवेदन की जो स्थिति है, वह पर्याप्त नहीं है। कृषि विभाग को मिली रिपोर्ट के मुताबिक 10 अगस्त तक जिलों से फसल राह
रांची,13 अगस्त: झारखंड सरकार सूखे की मार झेल रहे किसानों को राहत देने की योजना पर लगातार काम कर रही है। लेकिन, अबतक इसके लिए आवेदन की जो स्थिति है, वह पर्याप्त नहीं है। कृषि विभाग को मिली रिपोर्ट के मुताबिक 10 अगस्त तक जिलों से फसल राहत योजना के लिए मात्र 1.46 लाख किसानों के आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें अबतक मात्र 3 लाख 20 हजार किसानों का ही निबंधन हो सका है। जबकि राज्य में 38 लाख से ज्यादा किसान निबंधित हैं।

बता दें कि झारखंड में अल्पवृष्टि के कारण छह जिलों में सुखाड़ की स्थिति सर्वाधिक चिंताजनक बनी हुई है। 17 जिलों में भी कम बारिश ने खरीफ फसल की खेती पर प्रतिकूल असर डाला है। सरकार किसानों को तत्काल राहत देने के लिए फसल राहत योजना का लाभ पहुंचाने पर काम कर रही है। लिहाजा हर जिले से इस पर रिपोर्ट मांगी जा रही है। किसानों को इस योजना का लाभ लेने के लिए निबंधित होने के साथ-साथ अपना आवेदन भी जमा करना होता है।
सुखाड़ से सर्वाधिक प्रभावित छह जिलों में खरीफ फसल में धान की बुआई की हालत सबसे खराब है। 17 जिले भी हालत अच्छी नहीं है। सरकार ने अभी तक राज्य के सूखा प्रभावित जिलों की स्थिति का आकलन किया है, लेकिन सुखाड़ घोषित करने की आरंभिक औपचारिकताओं को पूरा करने की प्रक्रिया में सरकार लगी है। सुखाड़ घोषित होने के बाद किसानों को केंद्रीय सहायता के तहत भी सूखा राहत मिलेगा। किसानों को राहत मिले, इसके लिए राज्य सरकार फसल राहत योजना के तहत सहायता दे सकती है।
इसके लिए हर जिले में किसान फसल राहत योजना के लिए निबंधित हो रहे हैं और आवेदन भी जमा कर रहे हैं। लेकिन आवेदन देने तथा निबंधित होने की प्रक्रिया बहुत धीमी है। अल्पवृष्टि के कारण सर्वाधिक सुखाड़ प्रभावित जिलों में गढ़वा में सबसे अधिक 86333 किसानों का निबंधन और आवेदन प्राप्त हुआ है। गोड्डा में 35520 किसानों का निबंधन और आवेदन प्राप्त हुआ है।












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