Odisha: ओड़िशा में पुराने दिन आये याद, भावुक हुईं झारखंड CM की पत्नी कल्पना सोरेन
कल्पना मुर्मू सोरेन ने अपने पुराने दिनों को याद करते हुए कहा, 'जब हम यहां ट्रेनिंग के लिए आते थे तो यहां जंगल हुआ करता था। वर्ष 2004 या 2005 में यह क्षेत्र वन था।

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन अपनी पत्नी के साथ ओडिशा के कलिंगा इंस्टीट्यूट में आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए। कलिंगा इंस्टीट्यूट में संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की पत्नी कल्पना मुर्मू सोरेन भावुक हो गयीं। संबोधन के दौरान कई बार उनका गला रुंध गया। उन्होंने अपने पुराने दिनों को याद किया। कल्पना सोरेन ने यहां मौजूद बच्चों को जागरूक किया। कल्पना सोरेन ने कहा,यहां खड़े होकर मुझे मेरा बचपन, मेरे अपने स्कूल का समय वो सब याद आ रहा है। लक्ष्य पाने के लिए बहुत कुछ खोना पड़ता है, जितना आप नहीं सोच सकते उससे भी ज्यादा। बहुत कुछ खोना पड़ता है। आप बस अपने लक्ष्य पर ध्यान रखियेगा।
अपने पुराने दिनों को याद करते हुए कल्पना मुर्मू सोरेन ने कहा, जब हम यहां ट्रेनिंग लेने आते थे यहां जंगल होता था। साल 2004 या 2005 की बात है यह इलाका जंगल था। एक ऑटो पकड़ने में डर लगता था कि हम अकेले कैसे यात्रा करेंगे। अकेले इन इलाकों में बहुत डर लगता था। ट्रेनिंग के दौरान खाने के लिए कुछ नहीं होता था। साइकिल में बड़ा हांडी लेकर आता था दही बड़ा, वही हमारा खाना होता था। सुबह से लेकर शाम तक खाने के लिए कुछ नहीं मिलता था। जो आज दिख रही है कल्पना मुर्मू सोरेन वो ऐसी नहीं थी वो आपके जैसी थी। यहां मौजूद बच्चियां अगर आपके अंदर आत्मविश्वास है और अगर जंगल के अंदर छोटे से गांव से यहां तक सफर कर सकते हैं तो आप अपनी मंजिल तक जरूर पहुंचेंगे मुझे पूरा विश्वास है।
कल्पना सोरेन ने कहा, पहिया एक नहीं होता, गाड़ी चलने के लिए भी दो चाहिए। सिर्फ महिलाओं के विकास से नहीं होगा सभी वर्ग का विकास करना होगा। अपने गोल को आप जो बनना चाहें, जो करना चाहें जरूर कीजिए। आप हारेंगे लेकिन डरना नहीं है। ऐसे हजारों लोगों की कहानी है जो कामयाब है लोगों ने गिर- गिर कर सीखा है। आप जो हासिल करना चाहते हैं इसके लिए खूब मेहनत करनी पड़ती है। कल्पना सोरेन ने एक किसान के उदाहरण से समझाया कि आप जो प्लेट में सब्जी खाते हैं उसके लिए किसान कितनी मेहनत करता है। खेत तैयार करता है, पानी देना है। मेहनत करता है। यहां सिर्फ अपना आत्मविश्वास कभी मत खोइयेगा। जब लगे कि जीवन में सब कुछ खत्म हो रहा तब आपका आत्मविश्वास ही आपको बचायेगा। आप कुछ भी बन जाइये आप अपना आत्मविश्वास मत खोइयेगा।
भुवनेश्वर स्थित प्राचीन और ऐतिहासिक लिंगराज मंदिर के दर्शन किए। इस मौके पर उन्होंने अपनी धर्मपत्नी कल्पना सोरेन संग पूरे विधि- विधान से भगवान त्रिभुवनेश्वर (शिव) की पूजा-अर्चना कर झारखण्ड और झारखंड वासियों के प्रगति, सुख -शांति- समृद्धि, खुशहाली और स्वस्थ जीवन की कामना की। मुख्य सचिव श्री सुखदेव सिंह और मुख्यमंत्री के सचिव श्री विनय कुमार चौबे ने भी मंदिर में शीश नवाकर आशीर्वाद लिया।












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