PM मोदी के दिशा-निर्देशों पर आगे बढ़ी पुलिस, अब हरियाणा के हर जिले में खुल रहे साइबर थाने
चंडीगढ़। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पुलिस महानिदेशकों के साथ बैठक के बाद हरियाणा साइबर क्राइम रोकने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। प्रदेश के गृह मंत्री अनिल विज ने हर जिले में कम से कम एक साइबर क्राइम थाना खोलने की बात कही। साइबर क्राइम के रोकने के इन थानों में प्रशिक्षित स्टाफ को तैनात किया जाएगा, ताकि त्वरित कार्यवाही अमल में लाई जा सके। साइबर थानों में आइटी प्रोफेशनल को भी रखा जाएगा, जिसके लिए जल्द ही पदों को सृजित किया जाएगा।

गृह मंत्री अनिल विज ने मंगलवार को गृह व पुलिस विभाग के अधिकारियों की बैठक में उन तमाम बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की, जिन पर लखनऊ में प्रधानमंत्री व केंद्रीय गृह मंत्री ने दिशा निर्देश जारी किए थे। पुलिस महानिदेशक पीके अग्रवाल ने गृह मंत्री विज को बताया कि दिसंबर तक राज्य के पुलिस थानों में साइबर हेल्प डेस्क स्थापित कर दिए गए हैं। गुरुग्राम, फरीदाबाद व पंचकूला कमिश्नरेट के साथ-साथ पांच आइजी रेंज के जिलों में भी साइबर क्राइम थानों को स्थापित किया गया है। मंत्री ने गुरुग्राम व फरीदाबाद के साइबर थानों में प्रोफेशनल व इकोनोमिक्स के जानकार अधिकारियों को तैनात करने के निर्देश दिए, ताकि साइबर क्राइम से जुड़े मामलों को तेजी से सुलझाया जा सके।

गृह मंत्री ने पुलिस अफसरों को निर्देश दिए कि हर शहर में रेलवे स्टेशन, बस अड्डे, मार्केट व भीड़ वाले इलाकों में एचडी/नाइटविजन सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं। अभी तक स्थापित सीसीटीवी कैमरों को कमांड सेंटर के साथ जोडऩे का काम किया जा रहा है। निजी संस्थाओं व निजी व्यक्तियों द्वारा स्थापित कैमरों को भी कमांड सेंटर से जोड़ा जाएगा। विज ने पुलिस अधिकारियों व जवानों को केंद्र द्वारा निर्धारित नए सिलेबस के तहत प्रशिक्षण कोर्स करवाने के निर्देश दिए। राष्ट्रीय सुरक्षा के मद्देनजर गृह मंत्री अनिल विज को तैयारियों की जानकारी देते हुए बताया गया कि गुरुग्राम व फरीदाबाद में स्कैड टीमों का गठन किया जा चुका है।

ड्रोन उड़ाने के लिए लेनी होगी पहले मंजूरी
अनिल विज इस बात पर चिंता जताई कि ड्रोन का चलन तेजी से बढ़ता जा रहा है और यह राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा हो सकता है। ड्रोन को संचालित करने के लिए विभिन्न स्थानों को चिन्हित किया जाए। इस कड़ी में ड्रोन उड़ाने के लिए मंजूरी ली जानी चाहिए। नशे के कारोबार में संलिप्त लोगों पर नकेल कसने के लिए अब सभी जिलों में कार्रवाई की जाएगी जिसके तहत समन्वयक समितियों का गठन होगा। सभी जिलों में नशामुक्ति केंद्र खोले जाएंगे।
इन केंद्रों में न्यूनतम 10 बेड का प्रविधान होगा। रोहतक व हिसार-वन की जेलों में नशामुक्ति केंद्र खोले जा चुके हैं। जल्द ही हर जेल में नशामुक्ति केंद्र भी स्थापित होंगे। बैठक में गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव राजीव अरोड़ा, पुलिस महानिदेशक पीके अग्रवाल, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक एएस चावला, ओपी सिंह, श्रीकांत जाधव, बलकार सिंह और सीआइडी चीफ आलोक मित्तल शामिल हुए।












Click it and Unblock the Notifications