पंचायत चुनाव: हरियाणा में जेजेपी को झटका, मंत्रियों की विधानसभा से हार गए प्रदेश अध्यक्ष का बेटा
हरियाणा में तीसरे फेज के पंचायती चुनावों के नतीजों ने जननायक जनता पार्टी (जजपा) को झटका दिया है। ग्रामीण अंचल की पार्टी समझे जाने वाली जजपा के 2 दिग्गज नेताओं के पारिवारिक सदस्य ही सरपंच का चुनाव हार गए।

जजपा कोटे से सरकार में मंत्री अनूप धानक की चाची कविता और जजपा प्रदेशाध्यक्ष निशान सिंह के बेटे तेजेंद्र चुनाव हार गए। दोनों नेताओं के पारिवारिक सदस्य उन क्षेत्रों में चुनाव हारे, जहां पर उनके विधायक मंत्री है।
वहीं हरियाणा के डिप्टी सीएम हिसार के सांसद भी रह चुके हैं। ऐसे में पंचायती चुनावों ने जजपा को निराश किया है। 9 दिसंबर को जजपा का 5वां स्थापना दिवस है। इस उपलक्ष्य में भिवानी में राज्यस्तरीय रैली की जा रही है। रैली से पहले पंचायती चुनावों के नतीजे जजपा के लिए सुखद नहीं रहे। जाहिर है कि अब पार्टी को वर्ष 2024 के लोकसभा और विधानसभा चुनावों से पहले इन पर गहन मंथन करना होगा।
उकलाना और टोहाना से 2 मंत्री
हरियाणा में भाजपा- जजपा गठबंधन की सरकार है। 10 विधायकों वाली जजपा की सरकार में तीन मंत्री है। खुद दुष्यंत चौटाला डिप्टी सीएम है, टोहाना के विधायक देवेंद्र बबली पंचायत मंत्री है। जबकि उकलाना के विधायक अनूप धानक राज्य मंत्री है। हिसार और फतेहाबाद जिलों के विधानसभा क्षेत्रों में 4 सीटों पर जजपा के विधायक है।
हिसार जिले में बरवाला से जोगी राम सिहाग, नारनौंद से रामकुमार गौतम, उकलाना से अनूप धानक विधायक है। जबकि फतेहाबाद के टोहाना विधानसभा से देवेंद्र बबली विधायक है। परंतु दिग्गजों के क्षेत्रों में पारिवारिक सदस्यों के चुनाव हार जाने से पार्टी के ग्राफ का आकलन किया जाता है।












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