हरियाणा सरकार ने शुरू की सभी जिलों में भूमि रजिस्ट्री की जांच, विपक्ष ने लगाए थे गड़बड़ी के आरोप
हिसार, 7 जून। रजिस्ट्री मामले में विपक्ष के द्वारा लगातार सरकार पर आरोप लगाने के बाद अब सभी जिलों में जांच शुरू करा दी गई है। हिसार में एक दिन पहले इसके लिए कमेटी का गठन किया गया। मंगलवार से इस मामले में एसडीएम के नेतृत्व की कमेटी रजिस्ट्रियों की जांच करेगी। इसके साथ ही सभी रजिस्ट्रियों को न लेकर इसमें सेल डीड को शामिल किया गया है। यह रजिस्ट्रियां वर्ष 2010 से 2017 तक की हैं। इससे पहले वर्ष 2017 से लेकर 2021 तक की रजिस्ट्रियों की जांच कराई गई थी। जिसमें अधिकांश अधिकारी पाक साफ ही निकले थे। इसी पर विपक्ष सवाल उठा रहा है। वहीं सरकार की तरफ से कहा जा रहा है प्रदेश में रजिस्ट्री घोटाला हुआ ही नहीं है।

शहरी क्षेत्र अधिनियम 1975 की धारा 7 ए के तहत नोटिफाइड एरिया में दो कनाल से कम भूमि को विक्रय करने या लीज पर देने के लिए डिस्ट्रिक्ट टाउन कंट्री प्लानिंग विभाग से एनओसी लेना अनिवार्य है। मगर यह देखा गया है कि कई मामलों में रजिस्ट्री कराने वाले लोग इस एनओसी को लेते ही नहीं है। पूर्व में एनओसी के लिए भूमि की सीमा 20 कनाल होती थी, मगर बाद में सरकार ने इसको घटाकर 2 कनाल से कम कर दिया। जिससे कालोनाइजरों द्वारा नए-नए तरीके निकाल लिए गए और अवैध कॉलोनियां विकसित की जा रही हैं। खास बात है कि तहसील कार्यालय भी बिना एनओसी के रजिस्ट्री कर देते हैं। जिससे पूरे प्रदेश में अवैध कालोनियां अधिक संख्या में विकसित हो रही हैं।
हिसार में जब कुछ समय पूर्व वर्ष 2017 से लेकर 2021 तक की रजिस्ट्रियों की जांच शुरू हुई तो छह तहसीलदार व नायब तहसीलदारों के मामले सामने आए। जिसमें एक ही अधिकारी को नोटिस देकर स्पष्टीकरण लिया गया। इसके बाद भी कोई कार्रवाई नजर नहीं आई। वहीं बाद में रजिस्ट्री क्लर्क और कंप्यूटर आपरेटरों के नाम तहसील प्रशासन द्वारा मुख्यालय भेजे गए। मगर यहां भी कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ। हालांकि स्थानांतरण की प्रक्रिया जरूर देखने को मिली। इसके बाद जल्द ही कानूनगो और पटवारियों को भी नोटिस थमाए जाने थे मगर इस मामले में भी शांति बनी रही।












Click it and Unblock the Notifications