हरियाणा में शस्त्र लाइसेंस बनवाने के लिए खर्च होंगे केवल 2100 रु, सीएम मनोहर ने किया डिजिटल सेवा का शुभारंभ

गुरुग्राम, 20 जुलाई। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने मंगलवार को जिला स्थित पुलिस क्षेत्रीय प्रशिक्षण केंद्र (आरटीसी) भोंडसी के आडिटोरियम से प्रदेश भर में प्रथम चरण में शस्त्र लाइसेंस से जुड़ी 14 डिजिटल सेवाओं का रिमोट से विधिवत शुभारंभ किया। इसके साथ ही उन्होंने प्रदेश में छह अस्त्र-शस्त्र प्रशिक्षण केंद्रों का भी लोकार्पण किया। कार्यक्रम से पूर्व मुख्यमंत्री ने वहां नई बनाई गई 100 मीटर की शूटिग रेंज का भी अवलोकन किया।

Haryana CM inaugurated digital services related to arm license

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले सात साल से गवर्नेंस का हर काम तकनीक के माध्यम से करने के प्रयास किए जा रहे हैं। शासन से नागरिकों की संतुष्टि होनी चाहिए इसलिए तकनीक के प्रयोग से शासन को प्रभावी बनाने की दिशा में काम किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि शुरू की गई सेवाओं के लिए पहले एक फ्लो चार्ट बनाया गया जिसमें पाया गया कि शस्त्र लाइसेंस के लिए आवेदन से लेकर लाइसेंस बनने तक की पूरी प्रक्रिया 25 दिन में पूरी हो सकती है और सेवा के अधिकार अधिनियम के अनुसार उसकी अपील का समय भी कम किया जा सकता है। वर्तमान में यह समय 60 दिन का है। सीएम ने कहा कि शस्त्र लाइसेंस बनवाने की प्रक्रिया में भ्रष्टाचार के आरोप लगते रहे हैं और आनलाइन सुविधा शुरू होने से अब लोगों को पारदर्शी, समयबद्ध और बिना पर्ची-बिना खर्ची के लाइसेंस बनवाने की सुविधा मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों को अब शस्त्र लाइसेंस बनवाने के लिए केवल 2100 रुपये खर्च करने होंगे। इसमें से 1500 रुपये प्रशिक्षण के, 500 रुपये आवेदन के तथा 100 रुपये अटल सेवा केंद्र के माध्यम से अप्लाई करने में लगेंगे। उन्होंने कहा कि अब इन सेवाओं के लिए व्यक्ति को 2100 रुपये से एक भी रुपया अधिक खर्च नहीं करना पड़ेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि शस्त्र लाइसेंस के लिए प्रशिक्षण पहले होमगार्ड के माध्यम से दिया जाता था लेकिन अब यह प्रशिक्षण छह प्रशिक्षण केंद्रों के माध्यम से प्रदान किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने इन केंद्रों का लोकार्पण किया। इसमें क्षेत्रीय प्रशिक्षण केंद्र, गुरुग्राम (भोंडसी), पुलिस प्रशिक्षण केंद्र, रोहतक (सुनारिया), पुलिस लाइन, पंचकूला (मोगीनंद), हरियाणा पुलिस अकादमी (मधुबन), पुलिस लाइंस हिसार तथा नारनौल के नाम सम्मिलित हैं।

इसी प्रकार मुख्यमंत्री द्वारा शस्त्र लाइसेंस से जुड़ी 14 सेवाओं का शुभारंभ किया गया इसमें नए शस्त्र लाइसेंस जारी करना, शस्त्र लाइसेंस का नवीनीकरण, शस्त्र की बिक्री, हस्तांतरण, उपहार, बाहरी लाइसेंस का पंजीकरण, शस्त्र का अधिग्रहण, शस्त्र अधिकार क्षेत्र के भीतर पते का परिवर्तन, शस्त्र की खरीद अवधि का विस्तार, शस्त्र लाइसेंस में शस्त्र का अनुमोदन, शस्त्र लाइसेंस से शस्त्र हटाना, एक प्रकार के शस्त्र का परिवर्तन, डुप्लीकेट शस्त्र लाइसेंस जारी करना, गोला-बारूद की मात्रा में परिवर्तन, क्षेत्र की वैधता का विस्तार तथा शस्त्र लाइसेंस का निलंबन, रद तथा निरस्तीकरण आदि उल्लेखनीय है।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि आज प्रदेश के इतिहास में पारदर्शिता का एक और नया अध्याय जुड़ा है। प्रशासन लगातार स्मार्ट बनते जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्मार्ट का अभिप्राय है सिपल, मोरल, अकाउंटेबल, रिस्पांसिबल और ट्रांसपेरेंट। उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास है साधारण व्यक्ति को ईज आफ लिविग की सुविधा मिले और उसमें हमारी रैंकिग अच्छी हो। कार्यक्रम से आनलाइन माध्यम से जुड़े गृह मंत्री अनिल विज ने कहा कि शस्त्र लाइसेंस को लेकर लोगों में सदैव एक असमंजस की स्थिति बनी रहती थी जिसमें आवेदक को अपने आवेदन की वास्तविक स्थिति की जानकारी प्राप्त करने में समस्या होती थी लेकिन अब ऐसा नहीं होगा।

इस मौके पर मेयर मधु आजाद, सोहना के विधायक संजय सिंह, गृह विभाग के अतिरिक्त सचिव राजीव अरोड़ा, पुलिस महानिदेशक पीके अग्रवाल, आरटीसी भोंडसी के एडीजीपी हनीफ कुरेशी, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक सीआइडी आलोक मित्तल, मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार अमित आर्य, एनआइसी से दीपक बंसल, उपायुक्त निशांत कुमार यादव पुलिस आयुक्त कला रामचंद्रन, आरटीसी भोंडसी की डीआइजी नाजनीन भसीन, बादशाहपुर के एसडीएम सतीश यादव सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।

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