छत्तीसगढ़ में स्कूलों की ग्रेडिंग शुरू, 90 फीसद से अधिक अंक प्राप्त करने पर स्कूल को मिलेगा प्लेटिनम मेडल
छत्तीसगढ़ में 38 हजार 460 स्कूलों ने सुघ्घर पढ़वइया चुनौती को स्वीकार किया था, जिसमें से अब तक 21 स्कूलों का थर्ड पार्टी आकलन किया जा चुका है।

राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) की तरफ से स्कूलों को ग्रेडिंग देने के लिए बनाए गए सुघ्घर पढ़वइया कार्यक्रम के तहत थर्ड पार्टी आकलन शुरू हो गया है। प्रदेशभर में 38 हजार 460 स्कूलों ने सुघ्घर पढ़वइया चुनौती को स्वीकार किया था, जिसमें से अब तक 21 स्कूलों का थर्ड पार्टी आकलन किया जा चुका है।
पहली से आठवीं तक के स्कूल हो रहे शामिल
सुघ्घर पढ़वइया की चुनौती पहली से आठवीं तक के स्कूलों को स्वीकार करनी थी। पहली और दूसरी कक्षा के विद्यार्थियों से हिंदी, गणित और अंग्रेजी विषय पूछे जाएंगे। तीसरी, चौथी और पांचवीं कक्षा में हिंदी, गणित, अंग्रेजी के अलावा पर्यावरण विषय को भी जोड़ा गया है। छठवीं से आठवीं तक की कक्षाओं में हिंदी, गणित, अंग्रेजी, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान पांच विषयों को शामिल किया गया है।
ऐसे करेंगे स्कूल की दक्षता का आकलन
एससीईआरटी की तरफ से अलग-अलग विषयों के लिए दक्षता के लिए संख्या निर्धारित की गई है। इन्हीं संख्या के आधार पर फीसद निकालने के नियम के तहत स्कूलों का फीसद निकाला जा रहा है। इसके लिए निरीक्षण दल निक्लीयर और टैली प्रैक्टिस एप का उपयोग कर रहे हैं। 90 फीसद या अधिक अंक प्राप्त करने वाले स्कूलों को प्लेटिनम, 85 फीसद से ज्यादा और 90 फीसद से कम अंक वाले स्कूल को गोल्ड और 80 फीसद से ज्यादा और 85 फीसद से कम अंक वाले स्कूलों को सिल्वर मेडल दिया जाएगा। स्कूलों को मेडल 15 अगस्त को दिया जाएगा।
डाइट के कर्मचारी को आकलन करने की दे रहे जिम्मेदारी
स्कूलों के थर्ड पार्टी आकलन के लिए जिले में बने डाइट के कर्मचारियों को दिया जा रहा है। हर डाइट टीम को अपने जिले के प्रत्येक ब्लाक के पांच-पांच स्कूलों का आकलन करना है। छत्तीसगढ़ में डेढ़ सौ ब्लाक हैं, इस आधार पर प्रथम चरण में साढ़े सात सौ स्कूलों का आकलन हो जाएगा। इसके बाद डाइट की टीम बीआरसी और सीआरसी वाले कर्मचारियों को प्रशिक्षण देकर आकलन के लिए तैयार करेगी। अभी राज्यभर में थर्ड पार्टी आकलन के लिए तीन हजार 930 स्कूलों ने सहमति दी है।












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