जल संरक्षण योजनाओं का लाभ उठाएं किसान: मुख्यमंत्री मनोहर लाल

मुख्यमंत्री ने कहा कि जल सरंक्षण और उपलब्ध पानी का तर्कसंगत व मितव्ययिता से प्रयोग करने के लिए मिकाडा के माध्यम से विभिन्न स्कीमें चलाई जा रही है।

Farmers should take advantage of water conservation schemes: Chief Minister Manohar Lal

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि किसानों को ड्रिप, मिनी-स्प्रिंकलर और पोर्टेबल-स्प्रिंकलर माईक्रो-इरीगेशन सिस्टम के लिए 58 हजार एकड़ खेतों के 19517 लाभार्थियों को 179.39 करोड़ रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की गई है। इसलिए किसान जल संरक्षण की योजनाओं का ज्यादा से ज्यादा लाभ उठाएं। मुख्यमंत्री आज यहां मिकाडा के लाभार्थियों से वर्चुअल संवाद कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने अनेक लाभार्थियों से न केवल संवाद किया बल्कि योजनाओं का फीडबैक भी लिया। अनेक लाभार्थियों ने सरकार की योजनाओं की प्रशंसा के साथ ही जल संरक्षण के लिए सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की भी सराहना की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जल सरंक्षण और उपलब्ध पानी का तर्कसंगत व मितव्ययिता से प्रयोग करने के लिए मिकाडा के माध्यम से विभिन्न स्कीमें चलाई जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने हर बूंद-अधिक फसल की योजना शुरू की है। सूक्ष्म सिंचाई यानी ड्रिप और स्प्रिंकलर सिंचाई प्रणाली के माध्यम से खेत स्तर पर जल उपयोग दक्षता को बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली खेती के लिए बहुत उपयोगी है। इससे पानी के एक ही स़्त्रोत से सिंचित क्षेत्र में काफी बढोतरी हो जाती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि खेत में ही जलाशय के निर्माण पर सरकार व्यक्तिगत आवेदक के लिए 70 प्रतिशत की दर से और किसान समूहों के सदस्यों को 85 प्रतिशत की दर से सहायता प्रदान कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा में ड्रिप, मिनी -स्प्रिंकलर और पोर्टेबल स्प्रिंकलर सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली को बढ़ावा दिया जा रहा है। सूक्ष्म सिंचाई को बढाने व खेतों में वर्षा जल संग्रहण के लिए तालाब बनाने व खालों को पक्का करने का कार्य मिकाडा को दिया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अटल भूजल योजना के तहत राज्य के 1656 गांवों में किसानों को उनके हिस्से की 15 प्रतिशत प्रतिपूर्ति राशि सीधे डीबीटी माध्यम से खातों में भेजी जा रही है। अब तक 11284 लाभार्थियों के खातें में 19 करोड़ रुपए ट्रांसफर किए जा चुके हैं। उन्होनंे कहा कि खालों के माध्यम से सीधे ही जितने खेत में पानी लगाते हैं, सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली से उतने ही पानी से 95 प्रतिशत तक अधिक क्षेत्र में सिंचाई होती है और इसके साथ ही 48 प्रतिशत तक पानी की बचत होती है।

उन्होंने कहा कि राज्य में जिन किसानों ने सूक्ष्म सिंचाई को अपनाया है उनके खेतों में फल और सब्जियों की पैदावार में 52 प्रतिशत तक बढोतरी हुई है। इसके साथ ही खेत में ही जलाशय बनाने के लिए 2185 लाभार्थियों को 54.90 करोड़ रुपए और 2584 अन्य लाभार्थियों को 64 करोड़ रुपए जारी किए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि गन्ने की फसल में अधिक पानी की खपत होती है, अब किसान धीरे धीरे सूक्ष्म सिंचाई को अपना रहे है। इससे पानी की बचत के साथ साथ पैदावार भी अच्छी होगी। मुख्यमंत्री ने लाभार्थियों से कहा कि वे जल संरक्षण से जुड़ी इन योजनाओं का लाभ उठाएं और दूसरेे किसानों को जल सरंक्षण के बारे जागरूक करें।

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