दिल्ली सरकार 1000 बसों को हटाएगी, हो जाएंगी स्क्रैप, जानिए वजह
साल के अंत तक दिल्ली सरकार एक हजार बसों को स्क्रेप करने जा रही है। इनमें डीटीसी की बसों के अलावा तीन सौ से ज्यादा क्लस्टर बसें शामिल हैं।
Delhi News: दिल्ली की सड़कों पर दौड़ने वाली बसें लोगों को उन स्थान तक की कनेक्टविटी प्रदान करती है, जहां मेट्रो नहीं है। इसे राजधानी दिल्ली की लाइफलाइन कहा जाए तो कोई आश्चर्य की बात नहीं होगी। यहां तक कि मेट्रो तक जाने के लिए भी लोगों को बस का इस्तेमाल करना पड़ता है। इसलिए बस दिल्ली में ट्रांस्पोर्टेशन का एक अहम साधन है। बसों में सवार होने वाली लोगों की भीड़ को देख कर यह साफ तौर पर कहा जा सकता है कि दिल्ली में जरूरत के अनुसार बसें नहीं हैं। ऐसे में अगर वर्तमान बसों की संख्या से हजार बसों को कम कर दिया जाए तो निश्चित ही लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।
दरअसल, दिल्ली सरकार साल के अंत तक हजार बसों को स्क्रैप करने जा रही है। जिनमें 650 DTC की बसें हैं, जबकि 300 से ज्यादा क्लस्टर बसें इनके शामिल हैं। इन बसों की उम्र पूरी हो चुकी हैं, इसलिए उन्हें सड़कों पर से हटाने की तैयारी है। लेकिन इस बसों को हटाने से पहले, नई बसों को सड़क पर उतारने की पहल अब तक नहीं की गयी है। इससे आने वाले दिनों में दिल्ली में बस यात्रियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।

दिल्ली की सड़कों पर इस समय 6931 बसें हैं। इनमें से 3887 बसें डीटीसी की, 2950 क्लस्टर बसें और 94 फीडर बसें हैं। डीटीसी की बसों में 300 इलेक्ट्रिक बसें भी शामिल हैं। इलेक्ट्रिक बसों को छोड़ दें तो, DTC की 3587 बसें पुरानी हो चुकी हैं। ये सभी बसें 2010 के कॉमनवेल्थ गेम्स से पहले ही खरीदी गई थीं और ये सभी अपनी उम्र पूरी कर चुकी हैं। इन बसों की उम्र 8 साल से बढ़ाकर 10 साल की गई और अब 13 साल की उम्र भी पूरी हो चुकी हैं। इन्हें अब तक सड़क से हटा लिया जाना चाहिए था लेकिन जनता की सुरक्षा को ताक पर रखकर इन्हें लगातार चलाया जा रहा है।












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