पंजाब: रोपड़ थर्मल प्लांट पहुंची कोयला ट्रेन, CM भगवंत मान ने किया स्वागत, हर साल बचेंगे 600 करोड़
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर मार्च महीने AAP सरकार बनने के तुरंत बाद क्लीयरेंस की औपचारिकताएं पूरी कीं। अप्रैल में खान से पानी निकालने का काम शुरू किया और सितंबर 2022 में कोयले का उत्पादन शुरू हुआ।

पंजाब के रोपड़ थर्मल प्लांट में शुक्रवार को झारखंड के पछवाड़ा से कोयला ट्रेन पहुंची। यहां CM भगवंत मान ने यहां ट्रेन का स्वागत किया। पछवाड़ा से करीब 8 साल बाद ट्रेन पंजाब के रोपड़ स्थित थर्मल प्लांट पहुंची है। इससे अब PSPCL को हर साल 600 करोड़ रुपए की बचत होने की उम्मीद जताई गई है।
CM भगवंत मान ने कोयला ट्रेन के पंजाब आने को ऐतिहासिक पल बताया। उन्होंने कहा कि साल 2015 से कोयला खान बंद पड़ी थी। हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के चक्कर भी लगाने पड़े, लेकिन पहले की सरकारों ने टेंडर अलॉट करने में भी 3 साल लगा दिए।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर मार्च महीने AAP सरकार बनने के तुरंत बाद क्लीयरेंस की औपचारिकताएं पूरी कीं। अप्रैल में खान से पानी निकालने का काम शुरू किया और सितंबर 2022 में कोयले का उत्पादन शुरू हुआ। स्थानीय ट्रांसपोर्ट और मजदूरों के साथ छोटे-मोटे मुद्दे हल किए।
मार्च तक 25 लाख मीट्रिक टन कोयला उत्पादन की योजना
CM मान ने कहा कि अभी तक इस कोयला खान से 1 लाख मीट्रिक टन कोयला निकाल लिया गया है। इसकी पहली ट्रेन आज पंजाब पहुंची है। शेष 2 अन्य ट्रेन भी काफी जल्द पहुंचेगी। मार्च 2023 तक इस खान से कुल 25 लाख मीट्रिक टन कोयला उत्पादन की योजना बनाई है और साल भर में कुल 70 लाख मीट्रिक टन कोयला निकाला जाएगा।
CM मान ने कहा कि पंजाब के लोगों को अब यह कम सुनना पड़ेगा कि कोयला कम रह गया और यूनिट बंद हो रही हैं। अब पंजाब में 30 साल तक कोयले की कमी नहीं आएगी। कोयला अच्छी क्वालिटी का है और इसकी राख की प्रति किलो कैलरी 29 प्रतिशत है, जबकि उड़ीसा से आने वाले कोयले की प्रति किलो कैलरी 41 प्रतिशत था। लेकिन इस कोयले से राख कम बनने पर पॉल्यूशन भी नहीं होगा।
1500 करोड़ रुपए का फायदा
CM मान ने कहा कि केंद्र सरकार ने राज्य सरकार को विदेशों से कोयला मंगवाने को कहा और मंगवाना पड़ता था। लेकिन अब विदेशों से 520 करोड़ रुपए की लागत का कोयला मंगाने की जरूरत नहीं है। इस हिसाब से 1120 करोड़ रुपए का सीधा फायदा हुआ है। अब 70 लाख मीट्रिक टन कोयला निकाला जाएगा। इससे दोनों थर्मल प्लांट, लहरा मोहब्बत और रोपड़ थर्मल प्लांट में काम पूरा होगा।
निजी थर्मल प्लांट को बेचने से 250 करोड़ का फायदा
CM मान ने कहा कि यदि सरकार बचे कोयले को निजी थर्मल प्लांट को सस्ती दर पर देती है तो उनसे बिजली लेने की दर कम कराई जाएगी। इससे करीब दो सौ-ढाई सौ करोड़ रुपए का और फायदा होगा। सीधे तौर पर एक साल में 1500 करोड़ रुपए का फायदा होगा। मान ने बताया कि इस साल 83 प्रतिशत अधिक बिजली उत्पादन हुआ है। नतीजतन घरों, खेतों और उद्योगों में बिजली के कट नहीं लगे हैं।
साल 2014 में सुप्रीम कोर्ट ने 213 कोयला खान का अलॉटमेंट रद कर दिया था। इसमें पंजाब को 2001 में पछवाड़ा में अलॉट हुई खान भी शामिल थी। 2015 में यह खान PSPCL को अलॉट हो गई। इसका टेंडर जारी किया गया लेकिन कानूनी कारणों से फेल हो गया।
2018 में PSPCL ने DBL कंपनी को इसे ऑपरेट करने के लिए चुना। 2019 में हाईकोर्ट ने पुरानी कंपनी के हक में फैसला दिया। इस कारण पंजाब सुप्रीम कोर्ट गया। 2021 में सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के आदेश को खारिज करते हुए PSPCL के अपनाए तरीके को सही ठहराया।
बीते समय पछवाड़ा की कोयला खान की शुरुआत के क्रेडिट के लिए पंजाब कांग्रेस और मान सरकार आमने-सामने हो चुकी है। CM मान के कोयला खान की शुरुआत कराने के बयान पर पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने ट्वीट कर आपत्ति जताई थी। उन्होंने CM मान को कहा कि वह बिना तथ्यों की जांच किए बयान दे देते हैं।
राजा वड़िंग ने कहा कि यह कोयला खान कोर्ट केस के कारण बंद थी। उन्होंने कांग्रेस सरकार द्वारा सितंबर 2021 में सुप्रीम कोर्ट से यह केस जीतने की बात कही है। वड़िंग ने CM मान से पूछा है कि इसमें उनका क्या योगदान है।
CM मान ने किया खान चलवाने का दावा
CM मान ने पंजाब में बिजली का प्रबंध पूरा होने की बात कही है। उन्होंने कहा था कि झारखड़ में पंजाब की अपनी कोयले की खान है, लेकिन वह साल 2015 से बंद है। इस कारण पंजाब को इधर-उधर से कोयला लेना पड़ता था। मान ने इस मामले में पैसों की सेटिंग के आरोप लगाते हुए कहा था कि अब खान शुरू करवा ली गई है।
यह भी पढ़ें- हॉकी वर्ल्ड कप पर CM भगवंत मान ने जताई खुशी, बोले- सरकार इस खेल के लिए हर संभव मदद करेगी












Click it and Unblock the Notifications