सीएम मनोहर लाल ने नवनिर्वाचित चेयरमैनों से कहा, हर साल बजट बनाएं और विकास की रूपरेखा तैयार करें
चंडीगढ़, 24 जून। हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल प्रदेश के विकास को जमीनी स्तर पर उतारने के लिए तत्पर हैं। उन्होंने स्थानीय निकायों के नवनिर्वाचित चेयरमैनों संग चंडीगढ़ में संवाद किया। चेयरमैनों से आह्वान किया कि वे अपने नगर परिषदों और नगर पालिकाओं को और बेहतर बनाने के लिए परिश्रम करें व नए हरियाणा के निर्माण में अपनी भूमिका निभाएं। मुख्यमंत्री ने सभी नगर परिषद व नगरपालिका को हर वर्ष अपना-अपना बजट बनाने और क्षेत्र के विकास की रूपरेखा तैयार करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने चंडीगढ़ में संत कबीर कुटीर में 'स्थानीय नगर निकायों' के नवनिर्वाचित चेयरपर्सनस से बात की। उन्होंने कहा सभी स्थानीय निकाय हर साल अपना-अपना बजट तैयार करें और अपने क्षेत्र के विकास की रूपरेखा तैयार करें। प्रदेश में पहली बार नगर निकायों के चेयरपर्सनस का सीधा जनता द्वारा चयन किया गया है। ऐसे में वे पार्षदों से तालमेल बनाकर पिछड़े क्षेत्रों का प्राथमिकता के आधार पर विकास करें और जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरने का प्रयास करें। मुख्यमंत्री ने सभी प्रतिनिधियों को पूरी ईमानदारी व पारदर्शिता से कार्य करने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने नवनिर्वाचित चेयरपर्सनस तथा संगठन के पदाधिकारियों को विचारधारा के अनुसार अन्य लोगों को भी साथ जोड़ने की बात कही। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 से लगातार पार्टी का ग्राफ बढ़ रहा है और इस गति को आगे भी बनाए रखना है।
मुख्यमंत्री ने नवनिर्वाचित चेयरपर्सन को पार्षदों, विधायकों व संगठन के लोगों से परामर्श करके विकास कार्यों को आगे बढ़ाने के टिप्स दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जल्द ही चंडीगढ़ में सीएम हाऊस पर ऐसी व्यवस्था बनाई जाएगी कि नगर निकायों के प्रतिनिधि अपनी समस्या को लेकर मार्गदर्शन ले सकेंगे।
नगर पालिका और नगर परिषद के चेयरमैन पद की 46 सीटों में से बीजेपी को 22 सीट मिली हैं। 3 सीट पर जेजेपी, 1 सीट पर आम आदमी पार्टी, एक सीट पर इनेलो और 19 सीट पर निर्दलीय उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की है। वहीं नगर परिषद चेयरमैन की 18 सीटों में से 10 बीजेपी, 1 जेजेपी, 1 इनेलो और 6 पर निर्दलीय उम्मीदवारों की जीत हुई है। नगर पालिका चेयरमैन की 28 सीटों में से 13 पर निर्दलीय, 12 बीजेपी, 2 जेजेपी और 1 सीट पर आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार को विजय मिली। हरियाणा निकाय चुनाव बीजेपी-जेजेपी गठबंधन में पार्टी चुनाव चिन्ह पर लड़े थे। कांग्रेस ने ये चुनाव पार्टी सिंबल पर नहीं लड़ने का फैसला किया था। हलांकि कांग्रेस ने बहुत सी सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवारों को समर्थन दिया था। वहीं आम आदमी पार्टी ने भी ये चुनाव सिंबल पर लड़ा था।












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