छत्तीसगढ़ः गौठानों में गोबर से बनाएंगे बिजली, सीएम भूपेश बघेल ने मांगी रिपोर्ट
रायपुर। राज्य सरकार अब गौठानों में गोबर से बिजली उत्पादन की योजना पर काम करेगी। सीएम भूपेश बघेल ने अफसरों से गोबर से बिजली उत्पादन की संभावनाओं का अध्ययन कर रिपोर्ट देने कहा है। यदि यह कार्य संभव होता है, तो यह एक बड़ी उपलब्धि होगी। सीएम बघेल ने कहा है कि छत्तीसगढ़ गोबर खरीदी करने वाला देश का पहला राज्य होने के साथ-साथ गोबर खरीदी को लाभ में बदलने वाला पहला राज्य भी है।

उन्होंने कहा कि गोबर से वर्मी कम्पोस्ट तैयार करने के साथ इसे और भी अधिक लाभप्रद बनाने की दिशा में काम किया जाना चाहिए। कलेक्टर गौठानों के संधारण, मरम्मत और निर्माण कार्यों की जरूरत की लगातार समीक्षा करें और आवश्यकतानुसार कार्य कराएं। सीएम बघेल बुधवार को गोधन न्याय योजना के तहत पशुपालकों -संग्राहकों और गौठान समितियों को 5 करोड़ 33 लाख रूपए की राशि का अंतरण करने के बाद कार्यक्रम को सम्बोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री ने आज 1 करोड़ 74 लाख रूपए की राशि ऑनलाईन अंतरित की। इसके साथ ही अब तक 100 करोड़ 82 लाख रूपए की राशि का भुगतान किया जा चुका है। उन्होंने स्व-सहायता समूहों को लाभांश के रूप में 1 करोड़ 41 लाख रूपए तथा गौठान समितियों को 2 करोड़ 18 लाख रूपए की राशि का भुगतान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि लोग गोबर से वर्मी कम्पोस्ट के अलावा दूसरी लाभप्रद गतिविधियां प्रारंभ करने की ओर बढ़ रहे हैं।
छत्तीसगढ़ तेलघानी, लौह शिल्पकार, चर्म शिल्पकार एवं रजककार बोर्ड़ाें की गतिविधियां भी गौठान में प्रारंभ की जाएं, जिससे लोगों को रोजगार के अवसर मिल सकें। उन्होंने कहा कि जहां गौठान समितियां सक्रिय नहीं है, वहां जनप्रतिनिधियों, कलेक्टरों और जिला पंचायत के सीईओ से चर्चा कर दूसरे लोगों को मौका दिया जाना चाहिए।
कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे ने कहा कि छत्तीसगढ़ की गोधन न्याय योजना की चर्चा पूरे देश में है। कृषि स्थायी समिति सहित संसद की चार समितियों ने इस योजना की सराहना करते हुए कहा है कि इसे पूरे देश में लागू किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि गौठानों में लोगों को स्व-रोजगार देने के लिए रूरल इंडस्ट्रियल पार्क की योजना अभूतपूर्व है। इसे देश में स्वीकार किया जा रहा है।
कृषि उत्पादन आयुक्त एवं सचिव डॉ. एम. गीता ने कार्यक्रम में बताया कि प्रदेश में स्वीकृत गौठानों की संख्या बढ़कर 10112 तथा निर्मित गौठानों की संख्या बढ़कर 6112 हो गई है। उन्होंने बताया कि 4495 गौठानों के चारागाहों की 9732 एकड़ भूमि में चारा रोपण का कार्य पूरा हो गया है। डॉ. गीता ने बताया कि गौठानों में संलग्न 9 हजार 153 स्व-सहायता समूहों की 64 हजार 317 महिलाओं को अब तक 39 करोड़ 77 लाख रूपए की आय हो चुकी है। इस अवसर पर सभी मंत्री मुख्य सचिव अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के एसीएस सुब्रत साहू,गोधन न्याय योजना के नोडल अफसर डॉ. एस. भारती दासन सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।












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