दिल्ली में रुकेगी आटो परमिट की कालाबाजारी, केजरीवाल सरकार ने पंजीकरण और ट्रासंफर प्रक्रिया में किया ये बदलाव
नई दिल्ली, 22 जून: केजरीवाल सरकार ने आटो परमिट की कालाबाजारी की शिकायतों को देखते हुए आटो पंजीकरण और ट्रासंफर की प्रक्रिया में बदलाव किया है। इसके तहत लोन नहीं चुकाने की स्थिति में फाइनेंसरों द्वारा कब्जा किए गए आटो को अब एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति को सीधे ट्रांसफर नहीं किया जा सकता है।

इस संबंध में परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने कहा कि नियम होने के बावजूद बहुत से वास्तविक लोन डिफाल्टरों को फाइनेंसरों की तरफ से परेशान किया जा रहा है, केजरीवाल सरकार ऐसे सभी भ्रष्टाचारों के खिलाफ लड़ने और परेशानी को समाप्त करने में विश्वास करती है।
आटो पंजीकरण और ट्रासंफर की प्रक्रिया में नए बदलाव के अनुसार मोटर वाहन अधिनियम के तहत वाहन फाइनेंसरों को भुगतान करने में असफल होने के कारण पंजीकृत मालिक से आटो कब्जा करने की स्थित में फाइनेंसरों (एनबीसी / बैंकों) के नाम पर पहले आटो को ट्रासंफर किया जाएगा।
इसके साथ ही आटो मालिक को इस पंजीकरण की एक कापी उनके पते पर भेजकर सूचना दी जाएगी। ऐसे सभी मामलों में किसी अन्य खरीदार को वाहन को सीधा ट्रांसफर करने और परमिट की अनुमति नहीं होगी। इस तरह के कब्जा किए गए वाहन को कानून की उचित प्रक्रिया के अनुसार फाइनेंसर द्वारा नीलामी में बेचा जा सकता है।
जो व्यक्ति नीलामी के माध्यम से ऐसा वाहन खरीदता है, वह परिवहन विभाग से संपर्क कर एमवी अधिनियम, 1988 के प्रावधान के तहत अपने नाम पर पंजीकरण करा सकता है।नीलामी के माध्यम से खरीदने वाला दिल्ली का निवासी होना चाहिए, जिसके पास दिल्ली के पते का आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस हो।
इसके अलावा खरीदार के पास परिवहन विभाग से आटो-रिक्शा (टीएसआर) के लिए जारी वैध एलओआई और वैध परमिट होना चाहिए। लेकिन वर्तमान में उसके नाम पर कोई आटो-रिक्शा (टीएसआर) नहीं होना चाहिए।फाइनेंसर वाहन को अपने पास रख सकता है।
सरेंडर करने वाले परमिट के मूल आवंटित को सरेंडर करने की तारीख के छह महीने के भीतर उस परमिट के खिलाफ एक और टीएसआर पंजीकृत कर सकता है, जिसके बाद विभाग एक नया एलओआई जारी कर देगा।विभाग इस मामले में दिशा-निर्देश तैयार कर रहा है। विभाग ऐसे सरेंडर किए गए परमिटों की सूची और फाइनेंसरों के नाम पर वाहनों के पंजीकरण को प्रवर्तन शाखा के साथ साझा करेगा ताकि किसी भी अनाधिकृत संचालन की जांच की जा सके।












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