राजस्थान सरकार का बड़ा फैसला, आवासों की अधिकतम बिक्री दर निर्धारित की
जयपुर, 12 सितंबर। मुख्यमंत्री जन आवास योजना में अब बिल्डरों की मनमानी नहीं चलेगी. राजस्थान सरकार ने आमजन के हित में बड़ा फैसला लेते हुए दो बड़े प्रावधानों को खत्म कर दिया है. साथ ही एक नए प्रावधान को योजना में जोड़ा गया है. सरकार ने योजना में बनाए गए आवासों की अधिकतम बिक्री दर 1850 प्रति वर्ग फीट निर्धारित कर दी है. भूखंड पर जी प्लस 3 (चार मंजिल) की बजाय अब जी प्लस 2 यानी तीन मंजिल का ही निर्माण किया जा सकेगा.

अभी ये आवास 2 हजार से 2800 वर्गफीट दर पर बिक रहे हैं. इमारत की ऊंचाई घटाने से फ्लैट की दर बढ़ने की आशंका पर सरकार ने योजना में बड़ा बदलाव किया है. दो पुराने प्रावधानों को खत्म कर सरकार ने बदलाव का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है. कोई स्कीम किसी अच्छी या प्राइम लोकेशन पर है तो उस स्कीम के मकानों की कीमत निर्धारित से अधिक रखी जा सकेगी. लेकिन, विकासकर्ता को सारा विकास कार्य पूरा करने के बाद आगामी एक साल तक स्कीम का रखरखाव करना होगा. इस अवधि के बाद रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन की जिम्मेदारी होगी.
बता दें कि राजस्थान के हर शहर में मुख्यमंत्री जन आवास योजना के तहत फ्लैट के निर्माण किए जा रहे हैं. पूर्व में पहले ही लॉटरी सिस्टम से फ्लैट आवंटित कर दिए गए हैं. ऐसे में फ्लेट्स बनने के साथ ही जिनको आवास मिलने हैं उनसे किस्तों के रूप में राशि ली जा रही है. सरकार ने नियमों के प्रावधानों में बदलाव कर सभी किस्तधारी जरूरतमंद लोगों को राहत दी है।












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