पंजाब: मुख्यमंत्री भगवंत मान को नियुक्त किया गया इस बोर्ड का चेयरमैन, विधायक नीना वाइस चेयरपर्सन
चंडीगढ़: पंजाब सरकार ने पटियाला ईस्ट पंजाब यूनियन टाउनशिप डेवलपमेंट बोर्ड का पुनर्गठन कर मुख्यमंत्री भगवंत मान को इसका चेयरमैन नियुक्त किया है। जानकारी के अनुसार राजस्व एवं स्वच्छता मंत्री ब्रह्मशंकर जिम्पा को सीनियर वाइस चेयरमैन और राजपुरा विधानसभा क्षेत्र से विधायक नीना मित्तल को वाइस चेयरपर्सन बनाया गया है।

इसके अलावा रितेश बंसल, गुरवीर सिंह सराओ, सुमित बख्शी और जतिंदर वर्मा को सदस्य बनाया गया है। बता दें कि यह नियुक्ति 3 वर्ष के कार्यकाल के लिए की गई है। सरकार के सदस्यों में वित्त कमीशन पंजाब और डिप्टी कमीशन पटियाला निर्वाचित हुए हैं जबकि राजपुरा के एस.डी.एम. इस बोर्ड के प्रशासक होंगे। इस संबंध में राजस्व विभाग की ओर से नॉटिफिकेशन जारी कर दिया गया है।
वहीं, सीएम मान आज पराली के मुद्दे पर बोले। सीएम भगवंत मान ने पराली जलाने के मुद्दे पर केंद्र सरकार द्वारा पंजाब व दिल्ली को जिम्मेदार ठहराने के लिए केंद्र सरकार पर निशाना साधा। कहा कि केंद्र सरकार बात-बात पर पंजाब के किसानों को दोषी ठहराती है। जब पंजाब ने पराली के स्थायी समाधान के लिए प्रस्ताव दिया तो केंद्र सरकार ने इसमें मदद नहीं की।
एक वीडियो संदेश में भगवंत मान ने कहा कि पिछले कई दिनों से पराली पर प्रदूषण की राजनीति हो रही है, जो दुर्भाग्यपूर्ण है। केंद्र की भाजपा सरकार मदद करने के बजाय पंजाब के किसानों को बदनाम कर रही है, जबकि हरियाणा-यूपी के शहर प्रदूषित शहरों की सूची में हैं। भगवंत मान ने कहा कि फसल लेते वक्त पंजाब का किसान अन्नदाता बन जाता है, जबकि अन्न लेने के बाद किसानों को खरीखोटी सुनाई जा रही है।
पंजाब के सीएम भगवंत मान ने कहा कि केंद्र सरकार किसानों के आंदोलन के कारण पंजाब के किसानों से सौतेला व्यवहार कर रही है। सीएम ने कहा कि पराली का मुद्दा कई वर्षों से गंभीर है। पंजाब सरकार भी इससे चिंतित है, लेकिन केंद्र सरकार हर रोज पराली के मुद्दे पर दिल्ली व पंजाब सरकार को खरी-खोटी सुना रही है। कहा जा रहा है कि पंजाब के किसान पराली क्यों जला रहे हैं।
भगवंत मान ने कहा पंजाब सरकार ने केंद्र सरकार को कई महीने पहले इसका हल दिया था कि। कहा था कि केंद्र प्रति एकड़ 1500 रुपये किसानों को पराली के निस्तारण के लिए मदद करे। राज्य सरकार भी इसमें राशि देगी, लेकिन केंद्र ने राज्य के इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया। मान ने कहा कि पंजाब ने एक और सुझाव दिया था उसे भी ठुकरा दिया गया।
भगवंत मान ने कहा कि पंजाब का किसान खुद पराली को आग नहीं लगाना चाहता। उसे पता है कि इसके धुएं से उसके परिवार, गांव, प्रदेश व देश को नुकसान है। पंजाब सरकार ने किसानों के साथ इस मुद्दे पर चर्चा की। उन्हें जागरूक किया। अभी हमारी नई सरकार बनी है। हम धीरे-धीरे किसानों को जागरूक करेंगे।












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