उत्तराखंड में 10 मरीज पर एक आयुष्मान मित्र होंगे तैनात, प्रतिवर्ष 25,000 मरीजों के इलाज का लक्ष्य
हरिद्वार, 24 अगस्त। उत्तराखंड सरकार ने आयुष्मान योजना का लाभ लोगों तक व्यापक स्तर पर पहुंचाने के पूरे प्रबंध किए हैं। राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण से संबद्ध सरकारी निजी अस्पतालों एवं मेडिकल कॉलेजों में आयुष्मान मित्र की तैनाती की गई है। दून मेडिकल कॉलेज को हर साल 25 हजार, हल्द्वानी मेडिकल कॉलेज को 20 हजार, श्रीनगर मेडिकल कॉलेज को 10 हजार एवं अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज को पांच हजार मरीजों का इलाज करना है।

स्वास्थ्य मंत्री डा. धन सिंह रावत ने कहा कि आयुष्मान योजना के तहत प्रदेश में हर 10 मरीज पर एक आयुष्मान मित्र की तैनाती की गई है। वहीं मेडिकल कॉलेजों में योजना के तहत मरीजों के इलाज के लिए लक्ष्य भी निर्धारित किया गया है। दून मेडिकल कॉलेज में आयोजित बैठक में स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि आयुष्मान योजना का लोगों को लाभ मिले, इसके लिए राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण से संबद्ध सरकारी निजी अस्पतालों एवं मेडिकल कॉलेजों में आयुष्मान मित्र की तैनाती की गई है।
मरीजों के दस्तावेज तैयार करने, आयुष्मान कार्ड बनाने, बिल बाउचर बनाने एवं बिल भुगतान की प्रक्रिया पूरी करने तक का सभी काम आयुष्मान मित्र करेंगे। प्राधिकरण की ओर से प्रति मरीज के हिसाब से भुगतान किया जाएगा। इसके अलावा आयुष्मान योजना के तहत मरीजों के इलाज के लिए लक्ष्य तय किया गया है।
दून मेडिकल कॉलेज को हर साल 25 हजार, हल्द्वानी मेडिकल कॉलेज को 20 हजार, श्रीनगर मेडिकल कॉलेज को 10 हजार एवं अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज को पांच हजार मरीजों का इलाज करना है। सभी प्राचार्यों को इसके लिए रोड मैप तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।
बैठक में मंत्री ने कर्मचारियों को हर तीन महीनें में प्रोत्साहन राशि देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मरीजों को तभी रेफर किया जाए जब अस्पताल में इलाज संभव न हो। बैठक में राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण के चेयरमैन डीके. कोटिया, अपर सचिव स्वास्थ्य अरुणेंद्र सिंह चौहान, निदेशक स्वास्थ्य डॉ. विनीता शाह, डॉ. मीतू शाह, अपर निदेशक चिकित्सा शिक्षा डॉ. आशुतोष सयाना आदि मौजूद रहे।












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