Andhra Pradesh: 2030 तक आंध्र प्रदेश बनेगा एड्स मुक्त, राज्य सरकार ने रखा लक्ष्य

विजयवाड़ा, 28 जून। राज्य सरकार जल्द ही आंध्र प्रदेश राज्य एड्स नियंत्रण समिति (APSACS) के सभी रिक्त पदों को भरने की तैयार कर रही है। नाको अध्ययन-2020 के अनुसार, आंध्र प्रदेश 1.37 प्रतिशत के साथ जोखिम वाली आबादी में एचआईवी सेरोपोसिटिविटी में तीसरे स्थान पर है। सरकार का लक्ष्य 2030 तक आंध्र प्रदेश को एचआईवी और एड्स मुक्त राज्य बनाने का है।

AIDS

APSACS के अनुसार, राज्य में मई, 2022 तक 2,00,649 रोगी एंटीरेट्रोवाइरल थेरेपी (ART) पर थे। उनमें से 85,089 पुरुष, 1,07,178 महिलाएं और 601 ट्रांसजेंडर हैं। एआरटी पर करीब 8,000 बच्चे हैं जिनमें 4,051 लड़के और 3,730 लड़कियां हैं। Also Read - आंध्र प्रदेश : शीर्ष नक्सली नेता की गिरफ्तारी के बाद 60 ने किया आत्मसमर्पण पूर्वी गोदावरी जिले में एआरटी पर सबसे अधिक 30,008 एड्स रोगी हैं, इसके बाद गुंटूर (25,383), कृष्णा (22,249) और पश्चिम गोदावरी (20,623) हैं। एआरटी 7,310 पर विजयनगरम में सबसे कम मरीज हैं, इसके बाद श्रीकाकुलम (7,513) और कडप्पा (8,147) हैं।

APSACS गांव और वार्ड सचिवालयों की एएनएम और महिला पुलिस को एड्स की रोकथाम के उपायों पर विशेष प्रशिक्षण देने की योजना बना रही है। यह मरीजों के लाभ के लिए हर 50 किलोमीटर पर एआरटी दवा केंद्र स्थापित करने की योजना बना रहा है। APSACS कंडोम के उपयोग को बढ़ावा देने और उनकी उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस के साथ काम करेगा। टोल फ्री नंबर 1097 का व्यापक प्रचार किया जाएगा। टीएनआईई, विशेष सचिव, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग और परियोजना निदेशक, एपीएसएसीएस, जीएस नवीन कुमार ने कहा कि सभी रिक्त पद APSACS में जल्द ही भरा जाएगा।

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